Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Jun 2018 · 1 min read

लव यू पापा

********
“पापा..प्लीज साइन कर दो न फॉर्म पर..” नीति लगभग रुआंसी सी बोली। “कहा न..विदेश से पढ़ाई की अनुमति नहीं दे सकता बेटा..जमाना देख रही हो न?”

पापा की बात सुनकर नीति औंधे मुंह अपने पलंग पर लेट गई ।नीति की माँ ने पापा को बुलाकर धीमे से कहा “हर तरफ खतरा है तो क्या जीना छोड़ देते हैं?”और किचन में चली गईं ।

कुछ देर बाद नीति के पापा अपने हाथ से कॉफी बनाकर लाए और नीति से बोले..”बिटिया रानी लो पापा के हाथ की कॉफी पी लो..।” लेकिन नीति ने तकिए से मुंह नहीं निकाला।पापा कॉफी वहीं रखकर चले गए।

अचानक नीति का फोन ,जो बगल की टेबल पर रखा था बज उठा।नीति अनमने मन से उठी ..बिना देखे फोन उठाकर बोली”..हैलो”उधर से पापा की आवाज आई जो बरामदे में बैठकर फोन कर रहे थे..”उठ गई बिट्टो ..चलो अब कॉफी पी लो।”अनमनी नीति ने झुंझलाहट के साथ फोन काट दिया और जैसे ही टेबल पर रखी कॉफी को उठाने चली ..फॉर्म पर नजर पड़ी।

पापा साइन कर चुके थे।

नीति के सपनों को पंख लग गए ।उत्साहित नीति बरामदे की तरफ दौड़ते हुए खुशी से चीखी..”

“लव यू पापा”

अंकिता

Language: Hindi
1 Like · 1 Comment · 304 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
राजभवनों में बने
राजभवनों में बने
Shivkumar Bilagrami
मौज के दोराहे छोड़ गए,
मौज के दोराहे छोड़ गए,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
सृजन के जन्मदिन पर
सृजन के जन्मदिन पर
Satish Srijan
होठों पर मुस्कान,आँखों में नमी है।
होठों पर मुस्कान,आँखों में नमी है।
लक्ष्मी सिंह
पिया-मिलन
पिया-मिलन
Kanchan Khanna
वक्त अब कलुआ के घर का ठौर है
वक्त अब कलुआ के घर का ठौर है
Pt. Brajesh Kumar Nayak
R J Meditation Centre
R J Meditation Centre
Ravikesh Jha
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
चलो कल चाय पर मुलाक़ात कर लेंगे,
चलो कल चाय पर मुलाक़ात कर लेंगे,
गुप्तरत्न
प्रेम
प्रेम
Pushpa Tiwari
गाँधी हमेशा जिंदा है
गाँधी हमेशा जिंदा है
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
रक्तदान
रक्तदान
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Empty pocket
Empty pocket
Bidyadhar Mantry
तुमने - दीपक नीलपदम्
तुमने - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
खुद को पागल मान रहा हु
खुद को पागल मान रहा हु
भरत कुमार सोलंकी
युवराज को जबरन
युवराज को जबरन "लंगोट" धारण कराने की कोशिश का अंतिम दिन आज।
*प्रणय प्रभात*
संवेदना
संवेदना
नेताम आर सी
फूलों से भी कोमल जिंदगी को
फूलों से भी कोमल जिंदगी को
Harminder Kaur
भूरा और कालू
भूरा और कालू
Vishnu Prasad 'panchotiya'
आदमी चिकना घड़ा है...
आदमी चिकना घड़ा है...
डॉ.सीमा अग्रवाल
"आशा-तृष्णा"
Dr. Kishan tandon kranti
20-चेहरा हर सच बता नहीं देता
20-चेहरा हर सच बता नहीं देता
Ajay Kumar Vimal
हर दर्द से था वाकिफ हर रोज़ मर रहा हूं ।
हर दर्द से था वाकिफ हर रोज़ मर रहा हूं ।
Phool gufran
2811. *पूर्णिका*
2811. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
खयालात( कविता )
खयालात( कविता )
Monika Yadav (Rachina)
आसा.....नहीं जीना गमों के साथ अकेले में
आसा.....नहीं जीना गमों के साथ अकेले में
Deepak Baweja
मुक्तक
मुक्तक
पंकज कुमार कर्ण
रमेशराज की कहमुकरियां
रमेशराज की कहमुकरियां
कवि रमेशराज
दीप की अभिलाषा।
दीप की अभिलाषा।
Kuldeep mishra (KD)
*चुनावी कुंडलिया*
*चुनावी कुंडलिया*
Ravi Prakash
Loading...