Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Jul 2024 · 1 min read

लम्हा लम्हा कम हो रहा है

लम्हा लम्हा कम हो रहा है
हर कोई आज अपने आप को खो रहा है
जीने की चाहत में जीना भूल रहे है
ना जाने हम कौनसे सुकून की तरफ़ जा रहे हैं

ना चैन से जी रहे है और ना ही फुर्सत मिल पा रही है
बस लक्ष्य बना दिया है जीवन को
और ये जिंदगी रस्म निभा रही है

लम्हा लम्हा कम हो रहा है,
आज एक चेहरा हंसा तो दूजा रो रहा है।

19 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*दृष्टि में बस गई, कैकई-मंथरा (हिंदी गजल)*
*दृष्टि में बस गई, कैकई-मंथरा (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
लक्ष्य
लक्ष्य
लक्ष्मी सिंह
चवपैया छंद , 30 मात्रा (मापनी मुक्त मात्रिक )
चवपैया छंद , 30 मात्रा (मापनी मुक्त मात्रिक )
Subhash Singhai
धिक्कार
धिक्कार
Shekhar Chandra Mitra
जिसनें जैसा चाहा वैसा अफसाना बना दिया
जिसनें जैसा चाहा वैसा अफसाना बना दिया
Sonu sugandh
जीने का हौसला भी
जीने का हौसला भी
Rashmi Sanjay
*जीवन में हँसते-हँसते चले गए*
*जीवन में हँसते-हँसते चले गए*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
शमशान घाट
शमशान घाट
Satish Srijan
रात का रक्स जारी है
रात का रक्स जारी है
हिमांशु Kulshrestha
मैं तो निकला था चाहतों का कारवां लेकर
मैं तो निकला था चाहतों का कारवां लेकर
VINOD CHAUHAN
प्यार ~ व्यापार
प्यार ~ व्यापार
The_dk_poetry
“दूल्हे की परीक्षा – मिथिला दर्शन” (संस्मरण -1974)
“दूल्हे की परीक्षा – मिथिला दर्शन” (संस्मरण -1974)
DrLakshman Jha Parimal
// पिता एक महान नायक //
// पिता एक महान नायक //
Surya Barman
निबंध
निबंध
Dhirendra Singh
किसी विमर्श के लिए विवादों की जरूरत खाद की तरह है जिनके ज़रि
किसी विमर्श के लिए विवादों की जरूरत खाद की तरह है जिनके ज़रि
Dr MusafiR BaithA
खुदा ने ये कैसा खेल रचाया है ,
खुदा ने ये कैसा खेल रचाया है ,
Chahat
किसी भी हाल में ये दिलक़शी नहीं होगी,,,,
किसी भी हाल में ये दिलक़शी नहीं होगी,,,,
Shweta Soni
सफलता तीन चीजे मांगती है :
सफलता तीन चीजे मांगती है :
GOVIND UIKEY
डर लगता है।
डर लगता है।
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
ये कमाल हिन्दोस्ताँ का है
ये कमाल हिन्दोस्ताँ का है
अरशद रसूल बदायूंनी
तमन्ना है तू।
तमन्ना है तू।
Taj Mohammad
अगर आपके पैकेट में पैसा हो तो दोस्ती और रिश्तेदारी ये दोनों
अगर आपके पैकेट में पैसा हो तो दोस्ती और रिश्तेदारी ये दोनों
Dr. Man Mohan Krishna
दिल तो है बस नाम का ,सब-कुछ करे दिमाग।
दिल तो है बस नाम का ,सब-कुछ करे दिमाग।
Manoj Mahato
3338.⚘ *पूर्णिका* ⚘
3338.⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
आज
आज
*प्रणय प्रभात*
मेरे जिंदगी के मालिक
मेरे जिंदगी के मालिक
Basant Bhagawan Roy
चूल्हे की रोटी
चूल्हे की रोटी
प्रीतम श्रावस्तवी
मैं तुझसे मोहब्बत करने लगा हूं
मैं तुझसे मोहब्बत करने लगा हूं
Sunil Suman
"खामोशी"
Dr. Kishan tandon kranti
गरीबी और भूख:समाधान क्या है ?
गरीबी और भूख:समाधान क्या है ?
Dr fauzia Naseem shad
Loading...