Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Apr 2024 · 2 min read

राम का आधुनिक वनवास

भाग १

एक वनवास तब मिला था
जब लंका में पाप बढ़ा था
धर्म की हानी हो रही थी
चारों दिशाओं में त्राहिमाम मचा था

नारी का सम्मान नही था
मर्यादा का मान नही था
मानवता का ज्ञान नही था
कोई संविधान नही था

नीति नही थी न्याय की
वह प्रतिष्ठा नही थी गाय की
सत्य का आभाव था
रीति चल रही थी अन्याय की

———-

भाग २

तब कर्म ने अधिकार लिया
पृथ्वी पर उपकार किया
मर्यादा की स्थापना के लिए
प्रभु ने राम रुप अवतार लिया

जब पुरुषोत्तम ने पुरुषार्थ दिखाया
आतंक को यथार्थ दिखाया
पाप और अत्याचार का दमन कर
विश्व को सत्यार्थ दिखाया

मर्यादा पुरुषोत्तम को जान लिया
जग ने सत्य को मान लिया
फिर राम राज्य नही होगा
पृथ्वी ने भी पहचान लिया

———-

भाग ३

जब कलयुग ने विस्तार किया
असत्य का सत्कार किया
नष्ट होने लगी जब मर्यादा
राम का तिरस्कार किया

विश्वास को अविश्वास दिया
समृद्धि को उपहास दिया
कामी कपटी लोभी मोही सत्ताओं ने
फिर राम को वनवास दिया

अब का वनवास पांच सौ वर्षो था
अंधकार का ये कालखंड संघर्षो का था
बस एक नाम था भारत के पास राम
पुनः गृह आगमन का प्रतीक्षा काल वर्षों का था

———-

भाग ४

२२ जनवरी सन २०२४ का वह पावन दिन
सुखद मंगलकारी और मन भावन दिन
जब देखा पुरे विश्व ने राम को नव मंदिर में
हर्षित हो गई मनगंगा ऐसा अतिपावन दिन

अंत हो गयी अंतहिन प्रतीक्षा
युगों युगों तक होगी समीक्षा
राम अवध के अवध राम की
पुर्ण हो गई मन की सब इच्छा

Language: Hindi
1 Like · 29 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
Khahisho ki kashti me savar hokar ,
Khahisho ki kashti me savar hokar ,
Sakshi Tripathi
#शेर-
#शेर-
*Author प्रणय प्रभात*
हवाओं पर कोई कहानी लिखूं,
हवाओं पर कोई कहानी लिखूं,
AJAY AMITABH SUMAN
परिवर्तन ही वर्तमान चिरंतन
परिवर्तन ही वर्तमान चिरंतन
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
“SUPER HERO(महानायक) OF FACEBOOK ”
“SUPER HERO(महानायक) OF FACEBOOK ”
DrLakshman Jha Parimal
शिक्षक और शिक्षा के साथ,
शिक्षक और शिक्षा के साथ,
Neeraj Agarwal
गज़ल सी रचना
गज़ल सी रचना
Kanchan Khanna
माशूका नहीं बना सकते, तो कम से कम कोठे पर तो मत बिठाओ
माशूका नहीं बना सकते, तो कम से कम कोठे पर तो मत बिठाओ
Anand Kumar
जय महादेव
जय महादेव
Shaily
मर्दों वाला काम
मर्दों वाला काम
Dr. Pradeep Kumar Sharma
आज फिर दर्द के किस्से
आज फिर दर्द के किस्से
Shailendra Aseem
कभी मज़बूरियों से हार दिल कमज़ोर मत करना
कभी मज़बूरियों से हार दिल कमज़ोर मत करना
आर.एस. 'प्रीतम'
कभी कभी चाहती हूँ
कभी कभी चाहती हूँ
ruby kumari
मुक्तक
मुक्तक
पंकज कुमार कर्ण
असहाय मानव की पुकार
असहाय मानव की पुकार
Dr. Upasana Pandey
अगर सड़क पर कंकड़ ही कंकड़ हों तो उस पर चला जा सकता है, मगर
अगर सड़क पर कंकड़ ही कंकड़ हों तो उस पर चला जा सकता है, मगर
लोकेश शर्मा 'अवस्थी'
न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से,
न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से,
Vishal babu (vishu)
हाथों में डिग्री आँखों में निराशा,
हाथों में डिग्री आँखों में निराशा,
शेखर सिंह
मुक्तक
मुक्तक
जगदीश शर्मा सहज
शिक्षक
शिक्षक
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
पैसा
पैसा
Sanjay ' शून्य'
बन रहा भव्य मंदिर कौशल में राम लला भी आयेंगे।
बन रहा भव्य मंदिर कौशल में राम लला भी आयेंगे।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
"बदबू"
Dr. Kishan tandon kranti
,,
,,
Sonit Parjapati
अस्त हुआ रवि वीत राग का /
अस्त हुआ रवि वीत राग का /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
नृत्य दिवस विशेष (दोहे)
नृत्य दिवस विशेष (दोहे)
Radha Iyer Rads/राधा अय्यर 'कस्तूरी'
*पूरी करके देह सब, जाते हैं परलोक【कुंडलिया】*
*पूरी करके देह सब, जाते हैं परलोक【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
तुम रूबरू भी
तुम रूबरू भी
हिमांशु Kulshrestha
नौकरी (१)
नौकरी (१)
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
तारे हैं आसमां में हजारों हजार दोस्त।
तारे हैं आसमां में हजारों हजार दोस्त।
सत्य कुमार प्रेमी
Loading...