Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Jul 2021 · 2 min read

रहे इहाँ जब छोटकी रेल

देखल जा खूब ठेलम ठेल
रहे इहाँ जब छोटकी रेल

चढ़े लोग जत्था के जत्था
छूटे सगरी देहि के बत्था
चेन पुलिंग के तबो जमाना
रुके ट्रेन तब कहाँ कहाँ ना
डब्बा डब्बा लोगवा धावे
टिकट कहाँ केहू कटवावे
कटवावे उ होई महाने
बाकी सब के रामे जाने
जँगला से सइकिल लटका के
बइठे लोग छते पर जा के
अरे बाप रे देखनी लीला
चढ़ऽल रहे उ ले के पीला
छतवे पर कुछ लोग पटा के
चलत रहे केहू अङ्हुआ के
छतवे पर के उ चढ़वैइया
साइत बारे के पढ़वइया
दउरे डब्बा से डब्बा पर
ना लागे ओके तनिको डर
बनऽल रहे लइकन के खेल
रहे इहाँ जब छोटकी रेल

भितरो तनिक रहे ना सासत
केहू छींके केहू खासत
भीड़-भाड़ से भाई सबके
दर्द करे सीना ले दब के
ऊपर से जूता लटका के
बरचा पर बइठे लो जाके
जूता के बदबू से भाई
जात रहऽल सभे अगुताई
घूमें कवनो फेरी वाला
खुलाहा मुँह रहे ना ताला
पान खाइ गाड़ी में थूकल
कहाँ भुलाता बीड़ी धूकल
दारूबाजन के हंगामा
पूर्णविराम ना रहे कामा
पंखा बन्द रहे आ टूटल
शौचालय के पानी रूठल
कोशिश कऽ लऽ यादे आई
दिन बीतऽल उ कहाँ भुलाई
ना पास रहे ना रहे फेल
रहे इहाँ जब छोटकी रेल

असली होखे भीड़ भड़ाका
इस्टेशन जब रूके चाका
कदम कदम पर रेलम रेला
लागे जइसे लागल मेला
उतरे केहू जोर लगा के
अउर चढ़े केहू धकिया के
जोर लगा के सभे ठेले
दमदारे बस आगे हेले
जेकरा में ना रहे बूता
सरके ऊ तऽ सूता सूता
ले के मउगी पेटी बोरा
लइका एगो लेके कोरा
बाँहीं में लटका के झोरा
उतरे खातिर करे निहोरा
मउगी के दिहले सन धाका
टूटल टँगरी गिरलें काका
अइसन अइसन बहुत कहानी
चोरवऽनों के रहे चानी
संजोगे से होखे जेल
रहे इहाँ जब छोटकी रेल

– आकाश महेशपुरी

7 Likes · 6 Comments · 1959 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
जवाला
जवाला
भरत कुमार सोलंकी
दूषित न कर वसुंधरा को
दूषित न कर वसुंधरा को
goutam shaw
शायरी 1
शायरी 1
SURYA PRAKASH SHARMA
जीवन के पल दो चार
जीवन के पल दो चार
Bodhisatva kastooriya
#तुम्हारा अभागा
#तुम्हारा अभागा
Amulyaa Ratan
🌹🌹🌹फितरत 🌹🌹🌹
🌹🌹🌹फितरत 🌹🌹🌹
umesh mehra
बाबुल का घर तू छोड़ चली
बाबुल का घर तू छोड़ चली
gurudeenverma198
"हवा भरे ग़ुब्बारों"
*प्रणय प्रभात*
"एक ख्वाब टुटा था"
Lohit Tamta
जिन्दगी में फैंसले और फ़ासले सोच समझ कर कीजिएगा !!
जिन्दगी में फैंसले और फ़ासले सोच समझ कर कीजिएगा !!
Lokesh Sharma
भगिनि निवेदिता
भगिनि निवेदिता
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
श्रीकृष्ण
श्रीकृष्ण
Raju Gajbhiye
कितना दर्द सिमट कर।
कितना दर्द सिमट कर।
Taj Mohammad
पेट भरता नहीं
पेट भरता नहीं
Dr fauzia Naseem shad
हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी
हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी
Mukesh Kumar Sonkar
सुपर हीरो
सुपर हीरो
Sidhartha Mishra
मंत्र की ताकत
मंत्र की ताकत
Rakesh Bahanwal
ग़ज़ल(चलो हम करें फिर मुहब्ब्त की बातें)
ग़ज़ल(चलो हम करें फिर मुहब्ब्त की बातें)
डॉक्टर रागिनी
छाई रे घटा घनघोर,सखी री पावस में चहुंओर
छाई रे घटा घनघोर,सखी री पावस में चहुंओर
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
THIS IS WHY YOU DON’T SUCCEED:
THIS IS WHY YOU DON’T SUCCEED:
पूर्वार्थ
प्रकृति का अनुपम उपहार है जीवन
प्रकृति का अनुपम उपहार है जीवन
इंजी. संजय श्रीवास्तव
छिपी हो जिसमें सजग संवेदना।
छिपी हो जिसमें सजग संवेदना।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
इक ज़मीं हो
इक ज़मीं हो
Monika Arora
चलो स्कूल
चलो स्कूल
Dr. Pradeep Kumar Sharma
मैंने तो बस उसे याद किया,
मैंने तो बस उसे याद किया,
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
*मकर संक्रांति पर्व
*मकर संक्रांति पर्व"*
Shashi kala vyas
संकल्प
संकल्प
Vedha Singh
"अगर"
Dr. Kishan tandon kranti
मिसाल (कविता)
मिसाल (कविता)
Kanchan Khanna
" वो क़ैद के ज़माने "
Chunnu Lal Gupta
Loading...