Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Jun 2023 · 1 min read

रपटा घाट मंडला

रपटा घाट का नर्मदा का किनारा
जो हम सबको लगे बड़ा ही प्यारा
नर्मदा मैया हमारे जीवन का सहारा
क्यों ना लगाएं हम मैया का जयकारा

मैया के चरणों में हो जाए जीवन पावन
चाहे बसंत हो शरद हो या सावन
सवेरे रपटा घाट में करते ओम स्नान पूजन
मंदिरों में बजती हैं घंटियां और होते हैं भजन

ओमप्रकाश भारती ओम्

Language: Hindi
2 Likes · 272 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
विचार, संस्कार और रस [ दो ]
विचार, संस्कार और रस [ दो ]
कवि रमेशराज
न जाने क्या ज़माना चाहता है
न जाने क्या ज़माना चाहता है
Dr. Alpana Suhasini
"बाजरे का जायका"
Dr Meenu Poonia
उसे देख खिल गयीं थीं कलियांँ
उसे देख खिल गयीं थीं कलियांँ
डॉ. श्री रमण 'श्रीपद्'
कहानी ....
कहानी ....
sushil sarna
हर जगह मुहब्बत
हर जगह मुहब्बत
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
#drarunkumarshastri
#drarunkumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
★SFL 24×7★
★SFL 24×7★
*Author प्रणय प्रभात*
दिल पर दस्तक
दिल पर दस्तक
Surinder blackpen
ग़ज़ल सगीर
ग़ज़ल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
*शीत वसंत*
*शीत वसंत*
Nishant prakhar
*संस्मरण*
*संस्मरण*
Ravi Prakash
सरहद
सरहद
लक्ष्मी सिंह
" नाराज़गी " ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
एक पल में ये अशोक बन जाता है
एक पल में ये अशोक बन जाता है
ruby kumari
यही सच है कि हासिल ज़िंदगी का
यही सच है कि हासिल ज़िंदगी का
Neeraj Naveed
भारतीय वनस्पति मेरी कोटेशन
भारतीय वनस्पति मेरी कोटेशन
Ms.Ankit Halke jha
2849.*पूर्णिका*
2849.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
माशूका नहीं बना सकते, तो कम से कम कोठे पर तो मत बिठाओ
माशूका नहीं बना सकते, तो कम से कम कोठे पर तो मत बिठाओ
Anand Kumar
लग जाए गले से गले
लग जाए गले से गले
Ankita Patel
धार्मिक सौहार्द एवम मानव सेवा के अद्भुत मिसाल सौहार्द शिरोमणि संत श्री सौरभ
धार्मिक सौहार्द एवम मानव सेवा के अद्भुत मिसाल सौहार्द शिरोमणि संत श्री सौरभ
World News
कभी कम नहीं हो यह नूर
कभी कम नहीं हो यह नूर
gurudeenverma198
किसान
किसान
Bodhisatva kastooriya
अवधी लोकगीत
अवधी लोकगीत
प्रीतम श्रावस्तवी
हिंदी मेरी राष्ट्र की भाषा जग में सबसे न्यारी है
हिंदी मेरी राष्ट्र की भाषा जग में सबसे न्यारी है
SHAMA PARVEEN
महसूस खुद को
महसूस खुद को
Dr fauzia Naseem shad
जहाँ करुणा दया प्रेम
जहाँ करुणा दया प्रेम
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
🙏 *गुरु चरणों की धूल*🙏
🙏 *गुरु चरणों की धूल*🙏
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
****मतदान करो****
****मतदान करो****
Kavita Chouhan
खुल जाये यदि भेद तो,
खुल जाये यदि भेद तो,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Loading...