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Jun 25, 2021 · 1 min read

रंग-बिरंगी तितली

रंग-बिरंगी तितली,
कितनी सुंदर दिखती हो,
इधर-उधर मँडराती हो,
बच्चों को बहलाती हो।

तितली रानी तितली रानी,
तेरी भी अजब कहानी,
फूलों को देख बैठ जाती,
फिर भी किसी के हाथ न आती।

जब भी तुम पंखों को फैलाती,
सुंदरता अत्यधिक खिल जाती,
काली पीली नीली सुनहरी,
हर रंगों में मिल ही जाती ।

जीवन होता कुछ दिनों का,
उसमें भी बच्चों को थकाती,
मन-मोहने बसंत में आती,
फूलों का रस हो चूसती।

✍🏼✍🏼
# बुद्ध प्रकाश ;
मौदहा,हमीरपुर।

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