Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Feb 2023 · 1 min read

ये हवा ये मौसम ये रुत मस्तानी है

ये हवा ये मौसम ये रुत मस्तानी है
ये इश्क का आगाज बड़ा तूफानी है

230 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
इश्क इवादत
इश्क इवादत
Dr.Pratibha Prakash
व्यंग्य आपको सिखलाएगा
व्यंग्य आपको सिखलाएगा
Pt. Brajesh Kumar Nayak
"सत्य"
Dr. Reetesh Kumar Khare डॉ रीतेश कुमार खरे
तुम्हारी याद तो मेरे सिरहाने रखें हैं।
तुम्हारी याद तो मेरे सिरहाने रखें हैं।
Manoj Mahato
😢साहित्यपीडिया😢
😢साहित्यपीडिया😢
*Author प्रणय प्रभात*
मेरा तुझसे मिलना, मिलकर इतना यूं करीब आ जाना।
मेरा तुझसे मिलना, मिलकर इतना यूं करीब आ जाना।
AVINASH (Avi...) MEHRA
*पीड़ा*
*पीड़ा*
Dr. Priya Gupta
* मंजिल आ जाती है पास *
* मंजिल आ जाती है पास *
surenderpal vaidya
संस्कार और अहंकार में बस इतना फर्क है कि एक झुक जाता है दूसर
संस्कार और अहंकार में बस इतना फर्क है कि एक झुक जाता है दूसर
Rj Anand Prajapati
जब कोई साथ नहीं जाएगा
जब कोई साथ नहीं जाएगा
KAJAL NAGAR
ग़ज़ल/नज़्म - मैं बस काश! काश! करते-करते रह गया
ग़ज़ल/नज़्म - मैं बस काश! काश! करते-करते रह गया
अनिल कुमार
अन-मने सूखे झाड़ से दिन.
अन-मने सूखे झाड़ से दिन.
sushil yadav
तुमको खोकर
तुमको खोकर
Dr fauzia Naseem shad
प्रो. दलजीत कुमार बने पर्यावरण के प्रहरी
प्रो. दलजीत कुमार बने पर्यावरण के प्रहरी
Nasib Sabharwal
हूं तो इंसान लेकिन बड़ा वे हया
हूं तो इंसान लेकिन बड़ा वे हया
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
सच और झूठ
सच और झूठ
Neeraj Agarwal
बट विपट पीपल की छांव 🐒🦒🐿️🦫
बट विपट पीपल की छांव 🐒🦒🐿️🦫
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
" आशा "
Dr. Kishan tandon kranti
निरोगी काया
निरोगी काया
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
जब कोई साथी साथ नहीं हो
जब कोई साथी साथ नहीं हो
gurudeenverma198
जय भोलेनाथ ।
जय भोलेनाथ ।
Anil Mishra Prahari
*भाता है सब को सदा ,पर्वत का हिमपात (कुंडलिया)*
*भाता है सब को सदा ,पर्वत का हिमपात (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
अहसास
अहसास
Sangeeta Beniwal
तमाशबीन जवानी
तमाशबीन जवानी
Shekhar Chandra Mitra
दीवाली शुभकामनाएं
दीवाली शुभकामनाएं
kumar Deepak "Mani"
मुश्किलें
मुश्किलें
Sonam Puneet Dubey
2707.*पूर्णिका*
2707.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
हर एक भाषण में दलीलें लाखों होती है
हर एक भाषण में दलीलें लाखों होती है
कवि दीपक बवेजा
بدل گیا انسان
بدل گیا انسان
Ahtesham Ahmad
आईने में ...
आईने में ...
Manju Singh
Loading...