Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Sep 2022 · 1 min read

याद आते हैं

ग़ज़ल

जहाँ मिल साथ में खेले ,वो मिट्टी याद आती है
वो आँगन याद आता है ,वो तुलसी याद आती है

बड़े ही प्यार से कंघी ,किया करती थी माँ मेरी
बसी हाथों की जो खुशबू ,वो कंघी याद आती है

चुरा कर ले गयी दिल को ,सिखाया प्यार भी जिसने
भरी महफिल में मुझको अब ,वो लड़की याद आती है

रहे तैयार हम हर दम ,मदद को एक दूजे की
किया करते चुहल मिलकर ,वो यारी याद आती है

छुपा कर जो खिला देती ,खयालों में रहा करती
समझ अच्छी दिया जिसने ,वो भाभी याद आती है

मचा रहता ठहाका होलिका त्योहार में हर दिन
हमें जो प्यार से देते ,वो गाली याद आती है

कहे क्या-क्या सुधा सबसे ,नहीं छुपता किसी से कुछ
समझ लीजे हमें हर दिन ,वो सबकी याद आती है

डा. सुनीता सिंह ‘सुधा’
17/9/2022
वाराणसी ,©®

Language: Hindi
204 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ॐ शिव शंकर भोले नाथ र
ॐ शिव शंकर भोले नाथ र
Swami Ganganiya
अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस आज......
अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस आज......
*Author प्रणय प्रभात*
तोंदू भाई, तोंदू भाई..!!
तोंदू भाई, तोंदू भाई..!!
Kanchan Khanna
কি?
কি?
Otteri Selvakumar
Ranjeet Shukla
Ranjeet Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
अधूरा इश्क़
अधूरा इश्क़
Dr. Mulla Adam Ali
"संगठन परिवार है" एक जुमला या झूठ है। संगठन परिवार कभी नहीं
Sanjay ' शून्य'
मरने से पहले ख्वाहिश जो पूछे कोई
मरने से पहले ख्वाहिश जो पूछे कोई
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
एक शाम उसके नाम
एक शाम उसके नाम
Neeraj Agarwal
कर्जा
कर्जा
RAKESH RAKESH
मसला
मसला
Dr. Kishan tandon kranti
इतनी नाराज़ हूं तुमसे मैं अब
इतनी नाराज़ हूं तुमसे मैं अब
Dheerja Sharma
खारे पानी ने भी प्यास मिटा दी है,मोहब्बत में मिला इतना गम ,
खारे पानी ने भी प्यास मिटा दी है,मोहब्बत में मिला इतना गम ,
goutam shaw
दोहे बिषय-सनातन/सनातनी
दोहे बिषय-सनातन/सनातनी
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
आओ थोड़ा जी लेते हैं
आओ थोड़ा जी लेते हैं
Dr. Pradeep Kumar Sharma
फ़लसफ़ा है जिंदगी का मुस्कुराते जाना।
फ़लसफ़ा है जिंदगी का मुस्कुराते जाना।
Manisha Manjari
और नहीं बस और नहीं, धरती पर हिंसा और नहीं
और नहीं बस और नहीं, धरती पर हिंसा और नहीं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
आजकल का प्राणी कितना विचित्र है,
आजकल का प्राणी कितना विचित्र है,
Divya kumari
तेरे बग़ैर ये ज़िंदगी अब
तेरे बग़ैर ये ज़िंदगी अब
Mr.Aksharjeet
जब किसी कार्य के लिए कदम आगे बढ़ाने से पूर्व ही आप अपने पक्ष
जब किसी कार्य के लिए कदम आगे बढ़ाने से पूर्व ही आप अपने पक्ष
Paras Nath Jha
आगे बढ़कर जीतता, धावक को दे मात (कुंडलिया)
आगे बढ़कर जीतता, धावक को दे मात (कुंडलिया)
Ravi Prakash
जीवन चक्र
जीवन चक्र
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
2741. *पूर्णिका*
2741. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
तारीफ क्या करूं,तुम्हारे शबाब की
तारीफ क्या करूं,तुम्हारे शबाब की
Ram Krishan Rastogi
दर्द को उसके
दर्द को उसके
Dr fauzia Naseem shad
दूर नज़र से होकर भी जो, रहता दिल के पास।
दूर नज़र से होकर भी जो, रहता दिल के पास।
डॉ.सीमा अग्रवाल
"Communication is everything. Always always tell people exac
पूर्वार्थ
💐प्रेम कौतुक-380💐
💐प्रेम कौतुक-380💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
वक्त
वक्त
Shyam Sundar Subramanian
किसी के साथ सोना और किसी का होना दोनों में ज़मीन आसमान का फर
किसी के साथ सोना और किसी का होना दोनों में ज़मीन आसमान का फर
Rj Anand Prajapati
Loading...