Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Jun 2023 · 1 min read

यह प्यार झूठा है

क्यों तू रूठा है, क्यों तू टूटा है।
क्यों गम में डूबा है, यह प्यार झूठा है।।
यह प्यार झूठा है———————(4)
क्यों तू रूठा है———————–।।

किससे करता है तू आशा, उम्रभर साथ देने की।
क्यों यहाँ खड़ा है तू , उम्मीद है किसके आने की।।
क्यों उसपे तू फिदा है, जिसने तुमको लुटा है।
यह प्यार झूठा है—————————(4)
क्यों तू रूठा है—————————–।।

जिसको लुटाता रहा तू , अब तक अपनी दौलत।
जिसको करता रहा तू , अब तक सच्ची मोहब्बत।।
क्यों तू उससे वफ़ा है, जिसका दिल खोटा है।
यह प्यार झूठा है—————————(4)
क्यों तू रूठा है —————————-।।

तुमको कभी भी खुशियां, जिनसे नहीं मिली है।
जिनसे कभी दिल से इज्जत,तुमको नहीं मिली है।।
क्यों उनको रोता है तू , वह तो एक खटका है।
यह प्यार झूठा है————————–(4)
क्यों तू रूठा है —————————।।

शिक्षक एवं साहित्यकार-
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

Language: Hindi
Tag: गीत
226 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ऐसा एक भारत बनाएं
ऐसा एक भारत बनाएं
नेताम आर सी
पुच्छल दोहा
पुच्छल दोहा
सतीश तिवारी 'सरस'
इतनी उम्मीदें
इतनी उम्मीदें
Dr fauzia Naseem shad
ग़ज़ल
ग़ज़ल
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
तस्वीर तुम्हारी देखी तो
तस्वीर तुम्हारी देखी तो
VINOD CHAUHAN
दास्ताने-इश्क़
दास्ताने-इश्क़
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
माना दौलत है बलवान मगर, कीमत समय से ज्यादा नहीं होती
माना दौलत है बलवान मगर, कीमत समय से ज्यादा नहीं होती
पूर्वार्थ
चलो संगीत की महफ़िल सजाएं
चलो संगीत की महफ़िल सजाएं
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
देश हमारा
देश हमारा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
2768. *पूर्णिका*
2768. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"मौत को दावत"
Dr. Kishan tandon kranti
बलात-कार!
बलात-कार!
अमित कुमार
यदि आपके पास नकारात्मक प्रकृति और प्रवृत्ति के लोग हैं तो उन
यदि आपके पास नकारात्मक प्रकृति और प्रवृत्ति के लोग हैं तो उन
Abhishek Kumar Singh
#क़तआ (मुक्तक)
#क़तआ (मुक्तक)
*Author प्रणय प्रभात*
अपना समझकर ही गहरे ज़ख्म दिखाये थे
अपना समझकर ही गहरे ज़ख्म दिखाये थे
'अशांत' शेखर
राहों में खिंची हर लकीर बदल सकती है ।
राहों में खिंची हर लकीर बदल सकती है ।
Phool gufran
7) “आओ मिल कर दीप जलाएँ”
7) “आओ मिल कर दीप जलाएँ”
Sapna Arora
जय जय हिन्दी
जय जय हिन्दी
gurudeenverma198
दोहे
दोहे
अशोक कुमार ढोरिया
हम सुख़न गाते रहेंगे...
हम सुख़न गाते रहेंगे...
डॉ.सीमा अग्रवाल
गिफ्ट में क्या दू सोचा उनको,
गिफ्ट में क्या दू सोचा उनको,
Yogendra Chaturwedi
लगाव का चिराग बुझता नहीं
लगाव का चिराग बुझता नहीं
Seema gupta,Alwar
*बाल काले न करने के फायदे(हास्य व्यंग्य)*
*बाल काले न करने के फायदे(हास्य व्यंग्य)*
Ravi Prakash
अंधविश्वास का पुल / DR. MUSAFIR BAITHA
अंधविश्वास का पुल / DR. MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
जाने इतनी बेहयाई तुममें कहां से आई है ,
जाने इतनी बेहयाई तुममें कहां से आई है ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
मैंने बार बार सोचा
मैंने बार बार सोचा
Surinder blackpen
सफल सारथी  अश्व की,
सफल सारथी अश्व की,
sushil sarna
प्रभु ने बनवाई रामसेतु माता सीता के खोने पर।
प्रभु ने बनवाई रामसेतु माता सीता के खोने पर।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
हाल ऐसा की खुद पे तरस आता है
हाल ऐसा की खुद पे तरस आता है
Kumar lalit
Loading...