Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Sep 2016 · 1 min read

मौत खुलकर कह गयी…

चल बसा निर्दोष घायल चीख कातर सह गयी.
खून सड़कों पर बहा जब मौत खुलकर कह गयी.
मज़हबी उन्माद घातक लोग डर-डर जी रहे,
एकता आतंक का पर्याय बनकर रह गयी..

–इंजी० अम्बरीष श्रीवास्तव ‘अम्बर’

Language: Hindi
221 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*मानपत्रों से सजा मत देखना उद्गार में (हिंदी गजल/
*मानपत्रों से सजा मत देखना उद्गार में (हिंदी गजल/
Ravi Prakash
।। बुलबुले की भांति हैं ।।
।। बुलबुले की भांति हैं ।।
Aryan Raj
सेंधी दोहे
सेंधी दोहे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
युगांतर
युगांतर
Suryakant Dwivedi
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
सियासत
सियासत
Anoop Kumar Mayank
जीत मनु-विधान की / MUSAFIR BAITHA
जीत मनु-विधान की / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
आओ न! बचपन की छुट्टी मनाएं
आओ न! बचपन की छुट्टी मनाएं
डॉ० रोहित कौशिक
चंद दोहे नारी पर...
चंद दोहे नारी पर...
डॉ.सीमा अग्रवाल
शरद
शरद
Tarkeshwari 'sudhi'
हिसाब रखियेगा जनाब,
हिसाब रखियेगा जनाब,
Buddha Prakash
याद तो हैं ना.…...
याद तो हैं ना.…...
Dr Manju Saini
बिखरने की सौ बातें होंगी,
बिखरने की सौ बातें होंगी,
Vishal babu (vishu)
याद रखना
याद रखना
Dr fauzia Naseem shad
*छ्त्तीसगढ़ी गीत*
*छ्त्तीसगढ़ी गीत*
Dr.Khedu Bharti
" फ़साने हमारे "
Aarti sirsat
बंदर मामा
बंदर मामा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
"अभी" उम्र नहीं है
Rakesh Rastogi
"प्यार की नज़र से"
Dr. Kishan tandon kranti
जन अधिनायक ! मंगल दायक! भारत देश सहायक है।
जन अधिनायक ! मंगल दायक! भारत देश सहायक है।
Neelam Sharma
बाबूजी
बाबूजी
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
आकलन करने को चाहिए सही तंत्र
आकलन करने को चाहिए सही तंत्र
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
*** मां की यादें ***
*** मां की यादें ***
Chunnu Lal Gupta
गिरते-गिरते गिर गया, जग में यूँ इंसान ।
गिरते-गिरते गिर गया, जग में यूँ इंसान ।
Arvind trivedi
मन की पीड़ा
मन की पीड़ा
पूर्वार्थ
गांव के छोरे
गांव के छोरे
जय लगन कुमार हैप्पी
बिन सूरज महानगर
बिन सूरज महानगर
Lalit Singh thakur
बुला लो
बुला लो
Dr.Pratibha Prakash
सहन करो या दफन करो
सहन करो या दफन करो
goutam shaw
💐प्रेम कौतुक-517💐
💐प्रेम कौतुक-517💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...