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16 Jul 2016 · 1 min read

मोहब्बत के सफर…

मोहब्बत के सफर में हमसफर , यूं छूट जाते है |
हमारे साथ जो रहते हैं, हमसे रूठ जाते हैं |
बनाये थे कभी जो साथ , उनके प्रीत के रिश्ते ;
निभाऊं लाख मैं लेकिन, ये रिश्ते टूट जाते हैं |

विशेष 🙂 यह मेरा प्रथम शुद्ध मुक्तक था जिसे संपूर्ण शर्तों को पूरा करते हुये लिखा | रचना दिनांक १०/०७/२०१६ बदायूं में|

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
1 Comment · 248 Views
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