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May 9, 2022 · 1 min read

मैं परछाइयों की भी कद्र करता हूं

अरे अपनों की तो बात ही क्या
मैं गैरों से मोहब्बत करता हूं
सच कहता हूं इंसान तो क्या
परछाइयों की भी कद्र करता हूं

जग से नहीं कुछ ले जाना है
खाली हाथ सबको जाना है
मैं जो मिल जाए सब्र करता हूं
परछाइयों की भी ……………
क्यों रखते हैं द्वेष भावना
करते क्यों हैं बुरी कामना
मैं इन बातों से बहुत डरता हूं
परछाइयों की भी…………..
बच्चों की बातों पर झगड़े
पति पत्नी में कैसे ये रगड़े
मैं देखके हाए तौबा करता हूं
परछाइयों की भी ……………
युवाओं का जोश खो रहा
नशे में पड़के होश खो रहा
मैं विनोद समझाते भी डरता हूं
परछाइयों की भी ……………

2 Likes · 2 Comments · 57 Views
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