Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Mar 2024 · 1 min read

मैं जीना सकूंगा कभी उनके बिन

मैं जीना सकूंगा कभी उनके बिन
उन्हे महसूस करता हूं में रात दिन
मेरा दिल यूं धड़कता है उनके लिए
वो मेरी सांस है में नही उनके बिन
मुझसे नजरे मिलाती नही आजकल
दिल को मेरे सताती नही आजकल
रूठकर मुझसे खुद ही तड़पती है वो
अपने आंसू छुपाने लगी आजकल
बीते _लम्हों को यूं _याद करता हूं में
चांदनी रात में जीता _मरता हूं मैं
चाहता __मैं उसे _पागलों की तरह
खुद से ज्यादा उसे प्रेम करता हूं मैं
✍️कृष्णकांत गुर्जर धनौरा

46 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
आप की डिग्री सिर्फ एक कागज का टुकड़ा है जनाब
आप की डिग्री सिर्फ एक कागज का टुकड़ा है जनाब
शेखर सिंह
कोई जब पथ भूल जाएं
कोई जब पथ भूल जाएं
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
Know your place in people's lives and act accordingly.
Know your place in people's lives and act accordingly.
पूर्वार्थ
दोस्ती
दोस्ती
Neeraj Agarwal
फितरत
फितरत
लक्ष्मी सिंह
अपने दिल से
अपने दिल से
Dr fauzia Naseem shad
स्वयं का न उपहास करो तुम , स्वाभिमान की राह वरो तुम
स्वयं का न उपहास करो तुम , स्वाभिमान की राह वरो तुम
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
लाखों करोड़ रुपए और 400 दिन बर्बाद करने के बाद भी रहे वो ही।
लाखों करोड़ रुपए और 400 दिन बर्बाद करने के बाद भी रहे वो ही।
*Author प्रणय प्रभात*
जन्मदिन विशेष : अशोक जयंती
जन्मदिन विशेष : अशोक जयंती
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
आ गया है मुस्कुराने का समय।
आ गया है मुस्कुराने का समय।
surenderpal vaidya
क्या सितारों को तका है - ग़ज़ल - संदीप ठाकुर
क्या सितारों को तका है - ग़ज़ल - संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur
जिधर भी देखो , हर तरफ़ झमेले ही झमेले है,
जिधर भी देखो , हर तरफ़ झमेले ही झमेले है,
_सुलेखा.
पेड़
पेड़
Kanchan Khanna
*समझौता*
*समझौता*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
2578.पूर्णिका
2578.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
रमेशराज के पर्यावरण-सुरक्षा सम्बन्धी बालगीत
रमेशराज के पर्यावरण-सुरक्षा सम्बन्धी बालगीत
कवि रमेशराज
हां मैंने ख़ुद से दोस्ती की है
हां मैंने ख़ुद से दोस्ती की है
Sonam Puneet Dubey
क्षणिकाएँ. .
क्षणिकाएँ. .
sushil sarna
ग़ज़ल/नज़्म - न जाने किस क़दर भरी थी जीने की आरज़ू उसमें
ग़ज़ल/नज़्म - न जाने किस क़दर भरी थी जीने की आरज़ू उसमें
अनिल कुमार
*तुम्हारा साथ जब मिलता है, तो मस्ती के क्या कहने (मुक्तक)*
*तुम्हारा साथ जब मिलता है, तो मस्ती के क्या कहने (मुक्तक)*
Ravi Prakash
"पता नहीं"
Dr. Kishan tandon kranti
बड़ा मायूस बेचारा लगा वो।
बड़ा मायूस बेचारा लगा वो।
सत्य कुमार प्रेमी
राजे तुम्ही पुन्हा जन्माला आलाच नाही
राजे तुम्ही पुन्हा जन्माला आलाच नाही
Shinde Poonam
*तंजीम*
*तंजीम*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जब आपके आस पास सच बोलने वाले न बचे हों, तो समझिए आस पास जो भ
जब आपके आस पास सच बोलने वाले न बचे हों, तो समझिए आस पास जो भ
Sanjay ' शून्य'
हंसगति
हंसगति
डॉ.सीमा अग्रवाल
चाहता है जो
चाहता है जो
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
पुरानी क़मीज़
पुरानी क़मीज़
Dr. Mahesh Kumawat
बेटियां
बेटियां
Ram Krishan Rastogi
जीवन एक मकान किराए को,
जीवन एक मकान किराए को,
Bodhisatva kastooriya
Loading...