Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Jun 2016 · 1 min read

मैं अभियंता…

?
मैं अभियंता
〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰
मैं अभियंता मातृभूमि को
तन मन अर्पित करता हूँ ।
भाव भरा अनुभूति और
ये जीवन अर्पित करता हूँ ।।
मैं अभियंता मातृभूमि को…………

स्व की भाषा बोल यथा
कुछ पुष्प बाग़ के डोल रहा ।
उन पुष्पों को मिट्टी की
गहराई अर्पित करता हूँ ।।
मैं अभियंता मातृभूमि को……………

माता के दामन में कुछ
खुदगर्जी ने व्यापार किया ।
उनके ही सुशिक्षा हेतु
संसाधन अर्पित करता हूँ ।।
मैं अभियंता मातृभूमि को…………..

कई युगों से इस धरती पर
लोप जनाधिकार हुआ है ।
उन्हीं जनाधिकारों के हेतु
मैं सबकुछ अर्पित करता हूँ ।।
मैं अभियंता मातृभूमि को……………

25 तक निःशुल्क हो शिक्षा
रोजगार प्रतिभा आधारित ।
सुविधा और संरक्षण हेतु
संजीवनी अर्पित करता हूँ ।।
मैं अभियंता मातृभूमि को…………

अंतिम भूखा पेट भरे तब
मेरे उर में प्राण भरेगा ।
मातृभूमि में न्याय के खातिर
मैं कंचन अर्पित करता हूँ ।।
मैं अभियंता मातृभूमि को…………


सामरिक अरुण
देवघर झारखण्ड
17/05/2016

Language: Hindi
565 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
अंधकार जितना अधिक होगा प्रकाश का प्रभाव भी उसमें उतना गहरा औ
अंधकार जितना अधिक होगा प्रकाश का प्रभाव भी उसमें उतना गहरा औ
Rj Anand Prajapati
हो गया
हो गया
sushil sarna
🙅दद्दू कहिन🙅
🙅दद्दू कहिन🙅
*Author प्रणय प्रभात*
अभी कुछ बरस बीते
अभी कुछ बरस बीते
shabina. Naaz
"जीवन"
Dr. Kishan tandon kranti
गुलाम
गुलाम
Punam Pande
कशमें मेरे नाम की।
कशमें मेरे नाम की।
Diwakar Mahto
मै मानव  कहलाता,
मै मानव कहलाता,
कार्तिक नितिन शर्मा
"नारी जब माँ से काली बनी"
Ekta chitrangini
बन गए हम तुम्हारी याद में, कबीर सिंह
बन गए हम तुम्हारी याद में, कबीर सिंह
The_dk_poetry
2635.पूर्णिका
2635.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
* जगो उमंग में *
* जगो उमंग में *
surenderpal vaidya
तेरा-मेरा साथ, जीवन भर का...
तेरा-मेरा साथ, जीवन भर का...
Sunil Suman
जय जय हिन्दी
जय जय हिन्दी
gurudeenverma198
खतरनाक होता है
खतरनाक होता है
Kavi praveen charan
कठिनाईयां देखते ही डर जाना और इससे उबरने के लिए कोई प्रयत्न
कठिनाईयां देखते ही डर जाना और इससे उबरने के लिए कोई प्रयत्न
Paras Nath Jha
होगे बहुत ज़हीन, सवालों से घिरोगे
होगे बहुत ज़हीन, सवालों से घिरोगे
Shweta Soni
*गाओ  सब  जन  भारती , भारत जिंदाबाद   भारती*   *(कुंडलिया)*
*गाओ सब जन भारती , भारत जिंदाबाद भारती* *(कुंडलिया)*
Ravi Prakash
" नयन अभिराम आये हैं "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
प्रकृति को त्यागकर, खंडहरों में खो गए!
प्रकृति को त्यागकर, खंडहरों में खो गए!
विमला महरिया मौज
दादी दादा का प्रेम किसी भी बच्चे को जड़ से जोड़े  रखता है या
दादी दादा का प्रेम किसी भी बच्चे को जड़ से जोड़े रखता है या
Utkarsh Dubey “Kokil”
चक्षु सजल दृगंब से अंतः स्थल के घाव से
चक्षु सजल दृगंब से अंतः स्थल के घाव से
Er.Navaneet R Shandily
यदि हर कोई आपसे खुश है,
यदि हर कोई आपसे खुश है,
नेताम आर सी
🙏 गुरु चरणों की धूल🙏
🙏 गुरु चरणों की धूल🙏
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
*मित्र*
*मित्र*
Dr. Priya Gupta
शान्त हृदय से खींचिए,
शान्त हृदय से खींचिए,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
भारत के बच्चे
भारत के बच्चे
Rajesh Tiwari
फूलों सी मुस्कुराती हुई शान हो आपकी।
फूलों सी मुस्कुराती हुई शान हो आपकी।
Phool gufran
स्वार्थ सिद्धि उन्मुक्त
स्वार्थ सिद्धि उन्मुक्त
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
Loading...