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23 Feb 2023 · 1 min read

मैं अपने दिल में मुस्तकबिल नहीं बनाऊंगा

मैं अपने दिल में मुस्तकबिल नहीं बनाऊंगा
जिसको भी बनाऊंगा सीधा अपना बनाऊंगा

ये चार दिन की मोहब्बतें मुझे रास नहीं आती
जिसका हाथ पकड़ूगा सात जन्म निभाऊंगा !

कवि दीपक सरल

2 Likes · 364 Views
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