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8 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-15💐

मैंने उन्हें हमेशा उनकी नज़र से देखा।परन्तु उन्होंने मुझे अपनी नज़र से कभी नहीं देखा।

-अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
90 Views
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