Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Sep 2022 · 1 min read

मेरी वो बात अक्सर काटता है

मिरी वो बात अक्सर काटता है
मगर कमबख्त हंसकर काटता है

वो चिडिया घर से उड कर क्या गई है
बहुत मुझको मिरा घर काटता है

मिली है मुझसे जिसको सर बुलंदी
वही देखो मिरा सर काटता है

अगर मज़बूत है तेरा क़फस तो
बता फिर क्यों मिरे पर काटता है

सितम मज़लूम पर जब देखता हूँ
तो फिर रातों को बिस्तर काटता है

अभी से किस लिए हटते हो पीछे
हुनर शीशे का पत्थर काटता है

सितमगर से मिलाता है जो नज़रें
वही सर उसका बढ़ कर काटता है

किनारे पर पहुंचता है वो हर दम
जो हाथों से समन्दर काटता है

वही घुट घुट के जीता है यहाँ पर
ज़माने में जिसे ड़र काटता है

न जाने ये वबा कैसी है आतिफ़
गली कूंचों का मन्ज़र काटता है

इरशाद आतिफ

Language: Hindi
1 Like · 234 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मेरी दुनियाँ.....
मेरी दुनियाँ.....
Naushaba Suriya
बे-फ़िक्र ज़िंदगानी
बे-फ़िक्र ज़िंदगानी
Shyam Sundar Subramanian
किसी अंधेरी कोठरी में बैठा वो एक ब्रम्हराक्षस जो जानता है सब
किसी अंधेरी कोठरी में बैठा वो एक ब्रम्हराक्षस जो जानता है सब
Utkarsh Dubey “Kokil”
धन की खाई कमाई से भर जाएगी। वैचारिक कमी तो शिक्षा भी नहीं भर
धन की खाई कमाई से भर जाएगी। वैचारिक कमी तो शिक्षा भी नहीं भर
Sanjay ' शून्य'
कर लो चाहे जो जतन, नहीं गलेगी दाल
कर लो चाहे जो जतन, नहीं गलेगी दाल
Ravi Prakash
आयी ऋतु बसंत की
आयी ऋतु बसंत की
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
ग्रंथ
ग्रंथ
Tarkeshwari 'sudhi'
विरही
विरही
लक्ष्मी सिंह
देख तुम्हें जीती थीं अँखियाँ....
देख तुम्हें जीती थीं अँखियाँ....
डॉ.सीमा अग्रवाल
2859.*पूर्णिका*
2859.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
!!! सदा रखें मन प्रसन्न !!!
!!! सदा रखें मन प्रसन्न !!!
जगदीश लववंशी
अंगद के पैर की तरह
अंगद के पैर की तरह
Satish Srijan
दौलत से सिर्फ
दौलत से सिर्फ"सुविधाएं"मिलती है
नेताम आर सी
😊आज के दो रंग😊
😊आज के दो रंग😊
*Author प्रणय प्रभात*
मैं सोचता हूँ कि आखिर कौन हूँ मैं
मैं सोचता हूँ कि आखिर कौन हूँ मैं
VINOD CHAUHAN
पुतलों का देश
पुतलों का देश
DR. Kaushal Kishor Shrivastava
जालोर के वीर वीरमदेव
जालोर के वीर वीरमदेव
Shankar N aanjna
बेपरवाह
बेपरवाह
Omee Bhargava
बात
बात
Ajay Mishra
रोशनी का रखना ध्यान विशेष
रोशनी का रखना ध्यान विशेष
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
****वो जीवन मिले****
****वो जीवन मिले****
Kavita Chouhan
लगा चोट गहरा
लगा चोट गहरा
Basant Bhagawan Roy
खत
खत
Punam Pande
जय जय हिन्दी
जय जय हिन्दी
gurudeenverma198
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
मेरे राम
मेरे राम
Prakash Chandra
चार लाइनर विधा मुक्तक
चार लाइनर विधा मुक्तक
Mahender Singh
कांटा
कांटा
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
वो हमें भी तो
वो हमें भी तो
Dr fauzia Naseem shad
"नसीबे-आलम"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...