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21 Nov 2022 · 1 min read

– में तरसता रहा पाने को अपनो का प्यार –

– में तरसता रहा पाने को अपनो का प्यार –

में तरसता रहा पाने को अपनो का प्यार,
नही मिला मुझको कभी अपनो का दुलार,
चाहता था में चाहत मिले मुझे अपनो की,
दिया नही मुझे कभी वो चाहत का अहसास,
पाना चाहता था में सदा अपनो का स्नेह,
नही मिला मुझे कभी वो स्नेह का आभास,
दिखा नही मुझे कभी उनकी आंखो में मेरे लिए प्यार,
दिखे सदा से ही मेरे लिए नफरत के भाव,
मांगी थी दुआ ईश्वर से उनके लिए हजार,
नही मिला मुझे मीठी बोली का स्वाद,
में तरसता रहा पाने को अपनो का प्यार,
नही मिला मुझको कभी अपनो का दुलार,

भरत गहलोत
जालोर राजस्थान,
संपर्क सूत्र -7742016184-
दिनांक 21/11/2022
समय : दोपहर 3.12

Language: Hindi
Tag: कविता
1 Like · 142 Views
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