Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Sep 2016 · 1 min read

मुक्तक

28/९/२०१६
दुनिया जगमगाती है सूर्य के आने के बाद
काला कफ़न फ़ैल जाता रवि के जाने के बाद
मानव मन का कालापन ,अमावस्या से गहरा
मन का तम मिटता है, ज्ञानदीप जलाने के बाद |

कालीपद ‘प्रसाद’

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
183 Views

Books from kalipad prasad

You may also like:
भगवान बताएं कैसे :भाग-1
भगवान बताएं कैसे :भाग-1
AJAY AMITABH SUMAN
खूबसूरत बहुत हैं ये रंगीन दुनिया
खूबसूरत बहुत हैं ये रंगीन दुनिया
D.k Math { ਧਨੇਸ਼ }
🧑‍🎓My life simple life🧑‍⚖️
🧑‍🎓My life simple life🧑‍⚖️
Ankit Halke jha
Love is like the wind
Love is like the wind
Vandana maurya
#राम-राम जी..👏👏
#राम-राम जी..👏👏
आर.एस. 'प्रीतम'
" बेशकीमती थैला"
Dr Meenu Poonia
नंदक वन में
नंदक वन में
Dr. Girish Chandra Agarwal
पात्र (लोकमैथिली कविता)
पात्र (लोकमैथिली कविता)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
गजल
गजल
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
रोज मरते हैं
रोज मरते हैं
Dr. Reetesh Kumar Khare डॉ रीतेश कुमार खरे
■ पर्व का संदेश ..
■ पर्व का संदेश ..
*Author प्रणय प्रभात*
आईने में अगर जो
आईने में अगर जो
Dr fauzia Naseem shad
दोस्ती और कर्ण
दोस्ती और कर्ण
मनोज कर्ण
सूरज उतरता देखकर कुंडी मत लगा लेना
सूरज उतरता देखकर कुंडी मत लगा लेना
कवि दीपक बवेजा
मेरे दुश्मन है बहुत ही
मेरे दुश्मन है बहुत ही
gurudeenverma198
✍️रूह के एहसास...
✍️रूह के एहसास...
'अशांत' शेखर
गुज़ारिश
गुज़ारिश
Shekhar Chandra Mitra
माँ
माँ
Prakash juyal 'मुकेश'
जन्मदिन की बधाई
जन्मदिन की बधाई
DrLakshman Jha Parimal
💐💐मथुरा का छोरा,मेरी ले ले राधे राधे💐💐
💐💐मथुरा का छोरा,मेरी ले ले राधे राधे💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
नए-नए हैं गाँधी / (श्रद्धांजलि नवगीत)
नए-नए हैं गाँधी / (श्रद्धांजलि नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
गीत
गीत
Shiva Awasthi
सजनाँ बिदेशिया निठूर निर्मोहिया, अइले ना सजना बिदेशिया।
सजनाँ बिदेशिया निठूर निर्मोहिया, अइले ना सजना बिदेशिया।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
बैठा ड्योढ़ी साँझ की, सोच रहा आदित्य।
बैठा ड्योढ़ी साँझ की, सोच रहा आदित्य।
डॉ.सीमा अग्रवाल
आदर्शों की बातें
आदर्शों की बातें
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
*धन व्यर्थ जो छोड़ के घर-आँगन(घनाक्षरी)*
*धन व्यर्थ जो छोड़ के घर-आँगन(घनाक्षरी)*
Ravi Prakash
बहुत सहा है दर्द हमने।
बहुत सहा है दर्द हमने।
Taj Mohammad
विनाश की जड़ 'क्रोध' ।
विनाश की जड़ 'क्रोध' ।
Buddha Prakash
बचपना
बचपना
Satish Srijan
अवसान
अवसान
Shyam Sundar Subramanian
Loading...