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May 16, 2016 · 1 min read

तोल-मोल

तोल-मोल के बोल ये दुनिया गोल-मोल
हंसी उड़ाये पल में देगी पोल खोल
शब्दों पर अंकुश हो संशय हो न कोई
वाणी वचनामृत में सुधारस घोल-घोल

1 Comment · 211 Views
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