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16 Jun 2016 · 1 min read

खट्टे-मीठे

खट्टे-मीठे अनुभवों को आत्मसात रख
कुछ कडुवा भी मिले यदि मैले न जज़्बात रख
दिल को न अंगार बना,संयम बहुत ज़रूरी
शांतिपूर्वक सामने आकर अपनी बात रख।

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
203 Views
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