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24 Sep 2022 · 1 min read

मुक्तक

किसी का अपनापन जिदगी में
खुशियों के रंग भर देता है
फूलों सी महक उठती है जिन्दगी
ग़मों से दूर कर देता है

क्यूं कर किसी के गम में
शरीक न हों हम
गम किसी एक का नहीं
ग़मों से नाता , सभी का होता है

Language: Hindi
3 Likes · 132 Views
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Books from अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
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