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11 Feb 2022 · 1 min read

मुक्तक

जो घोला है तुमने ज़हर हिजाब का ,
नबी के हुक्म आसमानी किताब का ,
चलने ना देंगे फिर नफ़रत की आंधी
दुहाई खुदा की देकर झूठे जबाब का ,,

Language: Hindi
259 Views
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