Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Feb 2017 · 1 min read

मुक्तक

मजबूरी

मद के अंधे,काले धंधे,कैसे इनका चुनाव करें…
तन से शुभ्र,मन के काले, कैसे हवाले गांव करें
लोकतंत्र की मजबूरी है,नेता हमको चुनना होगा
नासूर है यह व्यवस्था, कैसे सबका बचाव करें

पंकज शर्मा
पिड़ावा झालावाड
राजस्थान

Language: Hindi
339 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
खूबसूरत लम्हें जियो तो सही
खूबसूरत लम्हें जियो तो सही
Harminder Kaur
सपनों में खो जाते अक्सर
सपनों में खो जाते अक्सर
Dr Archana Gupta
अति मंद मंद , शीतल बयार।
अति मंद मंद , शीतल बयार।
Kuldeep mishra (KD)
राम विवाह कि मेहंदी
राम विवाह कि मेहंदी
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
*मौन की चुभन*
*मौन की चुभन*
Krishna Manshi
बदनाम ये आवारा जबीं हमसे हुई है
बदनाम ये आवारा जबीं हमसे हुई है
Sarfaraz Ahmed Aasee
मैं तुलसी तेरे आँगन की
मैं तुलसी तेरे आँगन की
Shashi kala vyas
वैज्ञानिक युग और धर्म का बोलबाला/ आनंद प्रवीण
वैज्ञानिक युग और धर्म का बोलबाला/ आनंद प्रवीण
आनंद प्रवीण
🌳😥प्रकृति की वेदना😥🌳
🌳😥प्रकृति की वेदना😥🌳
SPK Sachin Lodhi
वर्दी (कविता)
वर्दी (कविता)
Indu Singh
मदहोशियां कहाँ ले जाएंगी क्या मालूम
मदहोशियां कहाँ ले जाएंगी क्या मालूम
VINOD CHAUHAN
बाढ़
बाढ़
Dr.Pratibha Prakash
ग़ज़ल-दर्द पुराने निकले
ग़ज़ल-दर्द पुराने निकले
Shyam Vashishtha 'शाहिद'
आज कल रिश्ते भी प्राइवेट जॉब जैसे हो गये है अच्छा ऑफर मिलते
आज कल रिश्ते भी प्राइवेट जॉब जैसे हो गये है अच्छा ऑफर मिलते
Rituraj shivem verma
वोट डालने जाना
वोट डालने जाना
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
चिंता दर्द कम नहीं करती, सुकून जरूर छीन लेती है ।
चिंता दर्द कम नहीं करती, सुकून जरूर छीन लेती है ।
पूर्वार्थ
निर्धनता ऐश्वर्य क्या , जैसे हैं दिन - रात (कुंडलिया)
निर्धनता ऐश्वर्य क्या , जैसे हैं दिन - रात (कुंडलिया)
Ravi Prakash
जिनके बिन घर सूना सूना दिखता है।
जिनके बिन घर सूना सूना दिखता है।
सत्य कुमार प्रेमी
#दोहा
#दोहा
*प्रणय प्रभात*
“फेसबूक मित्रों की बेरुखी”
“फेसबूक मित्रों की बेरुखी”
DrLakshman Jha Parimal
घड़ी घड़ी में घड़ी न देखें, करें कर्म से अपने प्यार।
घड़ी घड़ी में घड़ी न देखें, करें कर्म से अपने प्यार।
महेश चन्द्र त्रिपाठी
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
#गहिरो_संदेश (#नेपाली_लघुकथा)
#गहिरो_संदेश (#नेपाली_लघुकथा)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
गुरु सर्व ज्ञानो का खजाना
गुरु सर्व ज्ञानो का खजाना
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
23/68.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/68.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
बुलंदियों से भरे हौसलें...!!!!
बुलंदियों से भरे हौसलें...!!!!
Jyoti Khari
* राष्ट्रभाषा हिन्दी *
* राष्ट्रभाषा हिन्दी *
surenderpal vaidya
"ख्वाब"
Dr. Kishan tandon kranti
मां मेरे सिर पर झीना सा दुपट्टा दे दो ,
मां मेरे सिर पर झीना सा दुपट्टा दे दो ,
Manju sagar
खुद से भी सवाल कीजिए
खुद से भी सवाल कीजिए
Mahetaru madhukar
Loading...