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Mar 29, 2019 · 1 min read

मुक्तक

वक्त के दरिया मे बहते जा रहें हैं हम
जाने क्या क्या साथ लेते जा रहें हैं हम
आसमाँ पर हैं सितारे उस कदर हैं ख़्वाहिशें
हर कदम पर हाथ मलते जा रहें हैं हम

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