Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jul 2016 · 1 min read

***** मुक्तक : फाँसी दो *****

***** मुक्तक : फाँसी दो *****
जो पाकिस्तान से हमदर्दी रखते ,,,,,उनको तो बस फाँसी दो,
जो पाकिस्तान का झंड़ा लहराते ,,,, उनको भी बस फाँसी दो,
जो देश द्रोही उत्पात मचाते हैं ,,,,,,,,,,उनसे क्यूँ हमदर्दी ,
आतँकी जो मानवता को रोंदे ,,,,,, उनको तो बस फाँसी दो,
******* सुरेशपाल वर्मा जसाला

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
388 Views
You may also like:
"फौजी और उसका शहीद साथी"
Lohit Tamta
💐 देह दलन 💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
हर रोज में पढ़ता हूं
Sushil chauhan
ख़ुलूसो - अम्न के साए में काम करती हूँ
Dr Archana Gupta
गुरु महिमा
Vishnu Prasad 'panchotiya'
तुझे क्या कहूँ
Pakhi Jain
चली चली रे रेलगाड़ी
Ashish Kumar
नव दीपोत्सव कामना
Shyam Sundar Subramanian
ऐ प्यारी हिन्दी......
Aditya Prakash
तू नज़र में
Dr fauzia Naseem shad
इंतजार से बेहतर है कोशिश करना
कवि दीपक बवेजा
बड़ी आरज़ू होती है ......................
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
प्यार का मंज़र .........
J_Kay Chhonkar
Be A Spritual Human
Buddha Prakash
पिता की नसीहत
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
✍️पुरानी रसोई✍️
'अशांत' शेखर
✍️पढ़ रही हूं ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
वो सहरा में भी हमें सायबान देता है
Anis Shah
पर्यावरण
सूर्यकांत द्विवेदी
■ ग़ज़ल / अब मेटी नादानी देख...!
*प्रणय प्रभात*
ऐ जिन्दगी
Anamika Singh
तेरा होना भी
Seema 'Tu hai na'
तो क्या होगा?
Shekhar Chandra Mitra
मोहब्बत में दिल।
Taj Mohammad
इन्द्रधनुष
Saraswati Bajpai
यतींम
shabina. Naaz
ख़ूब समझते हैं ghazal by Vinit Singh Shayar
Vinit kumar
ग़ज़ल -
Mahendra Narayan
स्वार्थ
Vikas Sharma'Shivaaya'
*बोझ खुद को देह का ढोना पड़ेगा (हिंदी गजल/गीतिका)*
Ravi Prakash
Loading...