Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Nov 2023 · 1 min read

मुक़द्दर में लिखे जख्म कभी भी नही सूखते

मुक़द्दर में लिखे जख्म कभी भी नही सूखते
जैसे ही हवा मिलती हैं अपनी टीस दे जाते हैं
रह रह दर्द उठता कभी न भरने वाले दर्द उभरते
लोग मिलते हैं और फायदा उठा निकल जाते है
डॉ मंजु सैनी
गाजियाबाद

2 Likes · 183 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr Manju Saini
View all
You may also like:
वयम् संयम
वयम् संयम
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
आँख
आँख
विजय कुमार अग्रवाल
"चापलूसी"
Dr. Kishan tandon kranti
*धनुष (बाल कविता)*
*धनुष (बाल कविता)*
Ravi Prakash
पहले तेरे हाथों पर
पहले तेरे हाथों पर
The_dk_poetry
पागलपन
पागलपन
भरत कुमार सोलंकी
ठहराव सुकून है, कभी कभी, थोड़ा ठहर जाना तुम।
ठहराव सुकून है, कभी कभी, थोड़ा ठहर जाना तुम।
Monika Verma
नजराना
नजराना
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
मुझे जब भी तुम प्यार से देखती हो
मुझे जब भी तुम प्यार से देखती हो
Johnny Ahmed 'क़ैस'
मां ने भेज है मामा के लिए प्यार भरा तोहफ़ा 🥰🥰🥰 �
मां ने भेज है मामा के लिए प्यार भरा तोहफ़ा 🥰🥰🥰 �
Swara Kumari arya
A beautiful space
A beautiful space
Shweta Soni
#लघु_दास्तान
#लघु_दास्तान
*Author प्रणय प्रभात*
जीवन
जीवन
नवीन जोशी 'नवल'
अनकहे शब्द बहुत कुछ कह कर जाते हैं।
अनकहे शब्द बहुत कुछ कह कर जाते हैं।
Manisha Manjari
क्या कहें?
क्या कहें?
Srishty Bansal
दमके क्षितिज पार,बन धूप पैबंद।
दमके क्षितिज पार,बन धूप पैबंद।
Neelam Sharma
ख़्वाब ख़्वाब ही रह गया,
ख़्वाब ख़्वाब ही रह गया,
अजहर अली (An Explorer of Life)
शुरुआत जरूरी है
शुरुआत जरूरी है
Shyam Pandey
इस दुनिया के रंगमंच का परदा आखिर कब गिरेगा ,
इस दुनिया के रंगमंच का परदा आखिर कब गिरेगा ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
आप अच्छे हो उससे ज्यादा,फर्क आप कितने सफल
आप अच्छे हो उससे ज्यादा,फर्क आप कितने सफल
पूर्वार्थ
पवित्र होली का पर्व अपने अद्भुत रंगों से
पवित्र होली का पर्व अपने अद्भुत रंगों से
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
जाति  धर्म  के नाम  पर, चुनने होगे  शूल ।
जाति धर्म के नाम पर, चुनने होगे शूल ।
sushil sarna
प्यार का रिश्ता
प्यार का रिश्ता
Surinder blackpen
💐प्रेम कौतुक-335💐
💐प्रेम कौतुक-335💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
जन्मदिन की शुभकामना
जन्मदिन की शुभकामना
Satish Srijan
खुद के होते हुए भी
खुद के होते हुए भी
Dr fauzia Naseem shad
मिल जाते हैं राहों में वे अकसर ही आजकल।
मिल जाते हैं राहों में वे अकसर ही आजकल।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
प्रतिध्वनि
प्रतिध्वनि
Er. Sanjay Shrivastava
जीवन की सुरुआत और जीवन का अंत
जीवन की सुरुआत और जीवन का अंत
Rituraj shivem verma
बांध रखा हूं खुद को,
बांध रखा हूं खुद को,
Shubham Pandey (S P)
Loading...