Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#1 Trending Author
May 4, 2022 · 1 min read

मां ने।

मां ने जानें कितने दुःख दर्द सहे है।
तब जाकर कहीं मेरे सपने पूरे हुए है।।

✍✍ताज मोहम्मद✍✍

2 Likes · 112 Views
You may also like:
तोड़कर तुमने मेरा विश्वास
gurudeenverma198
करते रहिये काम
सूर्यकांत द्विवेदी
जिन्दगी है की अब सम्हाली ही नहीं जाती है ।
Buddha Prakash
"हमारी मातृभाषा हिन्दी"
Prabhudayal Raniwal
मेरी धड़कन जूलियट और तेरा दिल रोमियो हो जाएगा
Krishan Singh
बेपनाह गम था।
Taj Mohammad
पितृ स्तुति
दुष्यन्त 'बाबा'
पुस्तक समीक्षा
Rashmi Sanjay
नई जिंदगानी
AMRESH KUMAR VERMA
पत्थर दिल।
Taj Mohammad
मुस्कुराना सीख लो
Dr.sima
दोहे
सूर्यकांत द्विवेदी
ख़ूब समझते हैं ghazal by Vinit Singh Shayar
Vinit kumar
ईश्वर की ठोकर
Vikas Sharma'Shivaaya'
# बोरे बासी दिवस /मजदूर दिवस....
Chinta netam " मन "
दिये मुहब्बत के...
अरशद रसूल /Arshad Rasool
अमर काव्य हर हृदय को, दे सद्ज्ञान-प्रकाश
Pt. Brajesh Kumar Nayak
*माँ छिन्नमस्तिका 【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
वर्तमान
Vikas Sharma'Shivaaya'
【21】 *!* क्या आप चंदन हैं ? *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
महिलाओं वाली खुशी "
Dr Meenu Poonia
बनकर जनाजा।
Taj Mohammad
नात،،सारी दुनिया के गमों से मुज्तरिब दिल हो गया।
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
यादों की भूलभुलैया में
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
स्याह रात ने पंख फैलाए, घनघोर अँधेरा काफी है।
Manisha Manjari
$तीन घनाक्षरी
आर.एस. 'प्रीतम'
खुशियों भरे पल
surenderpal vaidya
Tell the Birds.
Taj Mohammad
कल जब हम तुमसे मिलेंगे
Saraswati Bajpai
दिल है कि मानता ही नहीं
gurudeenverma198
Loading...