Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 May 2023 · 1 min read

माँ शारदे

माँ भारती को नमन, माँ शारदे ऐसे उद्गार दो!
“जन मन गण “की अभिव्यंजना को उद्धार दो !!
सरस्वती के साधको,अब लेखनी को नवधार दो!
लिख चुके प्रणय गीत, तुम वीर रस पर सब वार दो!!
स्वतंत्रता शिशु से नव यौवन हुई उसे अब श्रृंगार दो !
टैगोर,शरत, बिस्मिल हुए साहित्य को नव फुहार दो !!
विज्ञान की ऊचइयां -विश्व में स्थपित कर चुके अब हम!
श्रम साधको-वीर भारती हो तुम, दुश्मनो पर प्रहार दो!!
माँ भारती को नमन, माँ शारदे ऐसे उद्गार दो!
“जन मन गण “की अभिव्यंजना को उद्धार दो !!

बोधिसत्व कस्तूरिया अधिवक्ता कवि पत्रकार 202 नीरव निकुंज पीएच 2 सिकंदरा आगरा, -282007 मोबाइल 9412443093

Language: Hindi
1 Like · 133 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Bodhisatva kastooriya
View all
You may also like:
जितना बर्बाद करने पे आया है तू
जितना बर्बाद करने पे आया है तू
कवि दीपक बवेजा
मुझे अपनी दुल्हन तुम्हें नहीं बनाना है
मुझे अपनी दुल्हन तुम्हें नहीं बनाना है
gurudeenverma198
कमीना विद्वान।
कमीना विद्वान।
Acharya Rama Nand Mandal
मेघ
मेघ
Rakesh Rastogi
कुछ बातें ज़रूरी हैं
कुछ बातें ज़रूरी हैं
Mamta Singh Devaa
ढल गया सूरज बिना प्रस्तावना।
ढल गया सूरज बिना प्रस्तावना।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
कभी कभी लगता है की मैं भी मेरे साथ नही हू।हमेशा दिल और दिमाग
कभी कभी लगता है की मैं भी मेरे साथ नही हू।हमेशा दिल और दिमाग
Ashwini sharma
जय अम्बे
जय अम्बे
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
दोहा
दोहा
गुमनाम 'बाबा'
राह मुश्किल हो चाहे आसां हो
राह मुश्किल हो चाहे आसां हो
Shweta Soni
बृद्ध  हुआ मन आज अभी, पर यौवन का मधुमास न भूला।
बृद्ध हुआ मन आज अभी, पर यौवन का मधुमास न भूला।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
रिश्ता
रिश्ता
अखिलेश 'अखिल'
#झांसों_से_बचें
#झांसों_से_बचें
*प्रणय प्रभात*
नवरात्रि के सातवें दिन दुर्गाजी की सातवीं शक्ति देवी कालरात्
नवरात्रि के सातवें दिन दुर्गाजी की सातवीं शक्ति देवी कालरात्
Shashi kala vyas
12, कैसे कैसे इन्सान
12, कैसे कैसे इन्सान
Dr .Shweta sood 'Madhu'
जीवन में ऐश्वर्य के,
जीवन में ऐश्वर्य के,
sushil sarna
मेरे भी दिवाने है
मेरे भी दिवाने है
Pratibha Pandey
"सौगात"
Dr. Kishan tandon kranti
संभावना
संभावना
Ajay Mishra
प्रयत्नशील
प्रयत्नशील
Shashi Mahajan
जब लोग आपके विरुद्ध अधिक बोलने के साथ आपकी आलोचना भी करने लग
जब लोग आपके विरुद्ध अधिक बोलने के साथ आपकी आलोचना भी करने लग
Paras Nath Jha
डॉ अरुण कुमार शास्त्री – एक अबोध बालक // अरुण अतृप्त
डॉ अरुण कुमार शास्त्री – एक अबोध बालक // अरुण अतृप्त
DR ARUN KUMAR SHASTRI
ग्रहस्थी
ग्रहस्थी
Bodhisatva kastooriya
मुनाफ़िक़ दोस्त उतना ही ख़तरनाक है
मुनाफ़िक़ दोस्त उतना ही ख़तरनाक है
अंसार एटवी
खुद की एक पहचान बनाओ
खुद की एक पहचान बनाओ
Vandna Thakur
मुझे तुम मिल जाओगी इतना विश्वास था
मुझे तुम मिल जाओगी इतना विश्वास था
Keshav kishor Kumar
रहो कृष्ण की ओट
रहो कृष्ण की ओट
Satish Srijan
2540.पूर्णिका
2540.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*चलते रहे जो थाम, मर्यादा-ध्वजा अविराम हैं (मुक्तक)*
*चलते रहे जो थाम, मर्यादा-ध्वजा अविराम हैं (मुक्तक)*
Ravi Prakash
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
Loading...