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26 Sep 2022 · 1 min read

माँ आई

शेर पे सवार माँ आई
नवरात्रि की सबको बधाई

सज गये सब घर और द्वारे
जय कारा दे माँ को पुकारे
माता के नौ रूप निराले
कितने पावन भोले भाले

शैल पुत्री प्रथम कहलाती
मनभावन सा रूप दिखलाती
दुसरी आई बह्मचारिणी
मंगलकारिणी दुख निवारिणी

चंद्रघंटा का रूप तीसरा
दुख पीड़ा को हर जन बिसरा
कुष्मांडा फिर चतुर्थ आई
कांतिमय आभा दिखलाई

पंचम स्कंदमाता कहलाती
कार्तिकेय संग पूजी जाती
छटे रूप में कात्यायनी तुम

जग जननी अधिष्ठात्री हो तुम
सप्तम रूप कालरात्री पाया
दर्शन पाकर मन हर्षाया

आठवी होती महागौरी
पूजे मिलकर सब नर नारी

नवम रूप में सिद्धिदात्री तुम ही
सुख समृद्धि की दात्री तुम ही

आओ ढोल नगाडा बजायें
मिलके सब नवरात्रि मनाये।

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