Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Mar 2017 · 1 min read

महारथी धनुर्धरा

महारथी धनुर्धरा
*************

नन्ही कली जब-जब चली।
रख पॉव हस्त कर तर्जनी।
तेरा हर इशारा पढ़ सकूं।
पग-पग सहारा बन सकूं।
न आने दूँ तुझे ऑच मैं।
दुनियां दिखा दूँ बाँच मैं।
तेरी समझ से जग बाहर है।
हर फूल पे करता प्रहार है।
यथार्थ में जग है बुरा।
मैं तुझे बनाऊंगी शूरा।
लड़ ! जगत की हर जंग तू।
कर दें ! धरा को दंग तू।
बतला दें कन्या है सबल।
रखती भ्रात से अधिक बल।
मुझें कोख़ में ना तू मसल।
वक्त रहते मानव तू संभल !
मै हूँ दुर्गा-शक्ति संहारिणी !
कर धनुर -त्रिशूल धारिणी।
जग पलता मेरी कोख़ है।
मेरे जन्म पे क्यों रोक है।
क्या हश्र इसका तू जान लें !
मेरा सत-स्वरुप पहचान लें !

सुधा भारद्वाज
विकासनगर उत्तराखण्ड़

Language: Hindi
589 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
दिल पर किसी का जोर नहीं होता,
दिल पर किसी का जोर नहीं होता,
Slok maurya "umang"
*
*"कार्तिक मास"*
Shashi kala vyas
........,,?
........,,?
शेखर सिंह
कर्म भाव उत्तम रखो,करो ईश का ध्यान।
कर्म भाव उत्तम रखो,करो ईश का ध्यान।
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
वो सब खुश नसीब है
वो सब खुश नसीब है
शिव प्रताप लोधी
3455🌷 *पूर्णिका* 🌷
3455🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
"बेहतर दुनिया के लिए"
Dr. Kishan tandon kranti
Love
Love
Abhijeet kumar mandal (saifganj)
उड़ान
उड़ान
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
अक्षर ज्ञान नहीं है बल्कि उस अक्षर का को सही जगह पर उपयोग कर
अक्षर ज्ञान नहीं है बल्कि उस अक्षर का को सही जगह पर उपयोग कर
Rj Anand Prajapati
बुद्ध पूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा
Dr.Pratibha Prakash
वक्त सा गुजर गया है।
वक्त सा गुजर गया है।
Taj Mohammad
😊 #आज_का_सवाल
😊 #आज_का_सवाल
*प्रणय प्रभात*
बेपरवाह
बेपरवाह
Omee Bhargava
जरूरत के हिसाब से ही
जरूरत के हिसाब से ही
Dr Manju Saini
5-सच अगर लिखने का हौसला हो नहीं
5-सच अगर लिखने का हौसला हो नहीं
Ajay Kumar Vimal
दर्पण जब भी देखती खो जाती हूँ मैं।
दर्पण जब भी देखती खो जाती हूँ मैं।
लक्ष्मी सिंह
वादा
वादा
Bodhisatva kastooriya
वो तो हंसने हंसाने की सारी हदें पार कर जाता है,
वो तो हंसने हंसाने की सारी हदें पार कर जाता है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
एक किताब सी तू
एक किताब सी तू
Vikram soni
कम्बखत वक्त
कम्बखत वक्त
Aman Sinha
सुबह आंख लग गई
सुबह आंख लग गई
Ashwani Kumar Jaiswal
इंतहा
इंतहा
Kanchan Khanna
श्री राम वंदना
श्री राम वंदना
Neeraj Mishra " नीर "
जाने कैसी इसकी फ़ितरत है
जाने कैसी इसकी फ़ितरत है
Shweta Soni
प्रेमी-प्रेमिकाओं का बिछड़ना, कोई नई बात तो नहीं
प्रेमी-प्रेमिकाओं का बिछड़ना, कोई नई बात तो नहीं
The_dk_poetry
बुरा न मानो, होली है! जोगीरा सा रा रा रा रा....
बुरा न मानो, होली है! जोगीरा सा रा रा रा रा....
सत्यम प्रकाश 'ऋतुपर्ण'
पानी की तस्वीर तो देखो
पानी की तस्वीर तो देखो
VINOD CHAUHAN
*पुस्तक समीक्षा*
*पुस्तक समीक्षा*
Ravi Prakash
दिल को तेरी
दिल को तेरी
Dr fauzia Naseem shad
Loading...