Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Sep 2016 · 1 min read

तेरे हुसन की लालिमा(गज़ल)

तेरे हुसन की लालिमा/मंदीप

देख तेरे हुसन की लालिमा से सारी फिजा मदहोस हो जाये,
चले जब तू ये हसींन कुदरत भी सरमा जाये।

सान,सकल ऐसी हो संगेमरमर की कोई मूर्त्त,
तुम को जो देखे वो कभी भुला न पाये।

जहाँ से भी गुजरें तू मदमस्त हसीना,
वो समा वो पल वही थम जाये ।

देख तेरे होंटो की खूबसूरत हँसी,
उपवन का हर एक फूल खिल जाये।

अगर मिल जा जाओ मोहिनी एक बार,
“मंदीप्”की भी जिंदगी सवर जाये।

मंदीपसाई

1 Comment · 487 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सागर से दूरी धरो,
सागर से दूरी धरो,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
बिखरी बिखरी जुल्फे
बिखरी बिखरी जुल्फे
Khaimsingh Saini
बेटी हूँ माँ तेरी
बेटी हूँ माँ तेरी
Deepesh purohit
जा रहा हूँ बहुत दूर मैं तुमसे
जा रहा हूँ बहुत दूर मैं तुमसे
gurudeenverma198
अखंड भारतवर्ष
अखंड भारतवर्ष
Bodhisatva kastooriya
*अच्छी आदत रोज की*
*अच्छी आदत रोज की*
Dushyant Kumar
"तब कैसा लगा होगा?"
Dr. Kishan tandon kranti
हकीकत जानते हैं
हकीकत जानते हैं
Surinder blackpen
मैल
मैल
Gaurav Sharma
2506.पूर्णिका
2506.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
सवाल
सवाल
Manisha Manjari
मंजिल नई नहीं है
मंजिल नई नहीं है
Pankaj Sen
*अधूरा प्रेम (कुंडलिया)*
*अधूरा प्रेम (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
“यादों के झरोखे से”
“यादों के झरोखे से”
पंकज कुमार कर्ण
वेदना ऐसी मिल गई कि मन प्रदेश में हाहाकार मच गया,
वेदना ऐसी मिल गई कि मन प्रदेश में हाहाकार मच गया,
नव लेखिका
महंगाई के इस दौर में भी
महंगाई के इस दौर में भी
Kailash singh
माँ स्कंदमाता की कृपा,
माँ स्कंदमाता की कृपा,
Neelam Sharma
"परीक्षा के भूत "
Yogendra Chaturwedi
नाम इंसानियत का
नाम इंसानियत का
Dr fauzia Naseem shad
असली पप्पू
असली पप्पू
Shekhar Chandra Mitra
सुविचार
सुविचार
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
आज हमने उनके ऊपर कुछ लिखने की कोशिश की,
आज हमने उनके ऊपर कुछ लिखने की कोशिश की,
Vishal babu (vishu)
पौष की सर्दी/
पौष की सर्दी/
जगदीश शर्मा सहज
नीलामी हो गई अब इश्क़ के बाज़ार में मेरी ।
नीलामी हो गई अब इश्क़ के बाज़ार में मेरी ।
Phool gufran
शिमले दी राहें
शिमले दी राहें
Satish Srijan
गोलियों की चल रही बौछार देखो।
गोलियों की चल रही बौछार देखो।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
कल मालूम हुआ हमें हमारी उम्र का,
कल मालूम हुआ हमें हमारी उम्र का,
Shivam Sharma
ठहरी–ठहरी मेरी सांसों को
ठहरी–ठहरी मेरी सांसों को
Anju ( Ojhal )
मेरी आँख में झाँककर देखिये तो जरा,
मेरी आँख में झाँककर देखिये तो जरा,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
#सन्देश...
#सन्देश...
*Author प्रणय प्रभात*
Loading...