Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 May 2023 · 2 min read

भाई बहन का रिश्ता बचपन और शादी के बाद का

बचपन में भाई-बहन का रिश्ता
नादान, बचपन की शान,माता पिता की जान।
स्कूल हो या पड़ोस भाई बहन होते हैं एक दूजे की पहचान ।
रूठना, मनाना, बड़ी से बड़ी बात पर भी एक दूजे की आँखों में आँसू देखते ही झट से मान जाना।

कभी एक-साथ सैर पर जाना । कभी एक-साथ भोजन खाना।
खुद पर इतराना,एक दूजे को चिढ़ाना ।
एक का दूसरे को मर झट से भाग जाना।
उसका पीछे से जोरों से आवाज लगाना, चप्पल उठा उसे मारने दौड़ जाना ।
कभी एक दूसरे की गलतियों को छिपाना।

एक दूसरे की चीजों पर हक जमाना
तो कभी एक-दूजे के लिए अपना हक भी छोड़ आना।
इस रिश्ते में चाह कर भी कभी किसी दूरी का न आ पाना ।।

भाई बहन का रिश्ता उनकी शादी के बाद

बहन का ससुराल से जब मायके आना, सबसे पहले अपना दर्द अपने भाई से छिपाना ।
उसको छोटा समझ उससे अपनी बात को न बतलाना।
घर में भाभी का आना भाई का उस संग समय बिताना ।
भाई का बहन को कम समय दे पाना, उस संग सैर पर न जाना, उस पर अब पहले सा हक न जमाना ।
आरम्भ हो गया दोनों के रिश्ते में एक छोटी सी दूरी का आना।
बेटी का जवाई को मायके लाना, सभी को पसंद आया उसे घर का ही सदस्य बतलाना ।
भाभी का अपने मायके जाना, भाई का उसे छोड़ कर आना और फिर उसे लेने भी जाना ।
बहन को यह सब पसंद न आना।

आरम्भ हो गया दोनों के रिश्ते में एक छोटी सी दूरी का आना।

बहन का अपने पति और भाभी संग अपने भाई के व्यवहार का नापतोल लगाना।

आरम्भ हो गया दोनों के रिश्ते में एक छोटी सी दूरी का आना।
अब बहन का भाई पर रौब न जमाना।
बात-बात पर रूठ जाना, कभी इस बहाने, कभी उस बहाने, एक -दूसरे की शिकायतें लगाना ।

आरम्भ हो गया दोनों के रिश्ते में एक छोटी सी दूरी का आना।
मैं जानना चाहती हूँ क्यों बंद हो जाए भाई या बहन का एक दूसरे पर हक जमाना ???

मेरे हिसाब से रिश्तो में सबसे पहले भाई-बहन का रिश्ता चाहिए है निभाना।
उस रिश्ते में भाभी हो या जवाई दोनों का निषेध हो आना ।
चिरस्थायी रहे !! वह रिश्ता जो मां-बाप के साए में पला था ।
उस प्यार का सदा एक सा रह पाना।

मेरी अपील है सभी भाइयों और बहनों से कि कहे ••••••
भाई ! तुम सदा वही बचपन वाला रिश्ता ही निभाना ।।
बहन ! तुम भूल मत जाना भाई पर अपना हक
जमाना ।।
धन्यवाद
रजनी कपूर

Language: Hindi
1 Like · 168 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Rajni kapoor
View all
You may also like:
हे गुरुवर तुम सन्मति मेरी,
हे गुरुवर तुम सन्मति मेरी,
Kailash singh
शिक्षा बिना है, जीवन में अंधियारा
शिक्षा बिना है, जीवन में अंधियारा
gurudeenverma198
सब चाहतें हैं तुम्हे...
सब चाहतें हैं तुम्हे...
सिद्धार्थ गोरखपुरी
रास नहीं आती ये सर्द हवाएं
रास नहीं आती ये सर्द हवाएं
कवि दीपक बवेजा
ताजा समाचार है?
ताजा समाचार है?
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
माँ शारदे...
माँ शारदे...
डॉ.सीमा अग्रवाल
आ जाओ न प्रिय प्रवास तुम
आ जाओ न प्रिय प्रवास तुम
Shiva Awasthi
है ख्वाहिश गर तेरे दिल में,
है ख्वाहिश गर तेरे दिल में,
Satish Srijan
वो झील-सी हैं, तो चट्टान-सा हूँ मैं
वो झील-सी हैं, तो चट्टान-सा हूँ मैं
The_dk_poetry
आंखों में कभी जिनके
आंखों में कभी जिनके
Dr fauzia Naseem shad
2318.पूर्णिका
2318.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
परों को खोल कर अपने उड़ो ऊँचा ज़माने में!
परों को खोल कर अपने उड़ो ऊँचा ज़माने में!
धर्मेंद्र अरोड़ा मुसाफ़िर
हंसने के फायदे
हंसने के फायदे
Manoj Kushwaha PS
सजनाँ बिदेशिया निठूर निर्मोहिया, अइले ना सजना बिदेशिया।
सजनाँ बिदेशिया निठूर निर्मोहिया, अइले ना सजना बिदेशिया।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
उतर गया चढ़ा था जो आसमाँ में रंग
उतर गया चढ़ा था जो आसमाँ में रंग
'अशांत' शेखर
कमरछठ, हलषष्ठी
कमरछठ, हलषष्ठी
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
नींव में इस अस्तित्व के, सैकड़ों घावों के दर्द समाये हैं, आँखों में चमक भी आयी, जब जी भर कर अश्रु बहाये हैं।
नींव में इस अस्तित्व के, सैकड़ों घावों के दर्द समाये हैं, आँखों में चमक भी आयी, जब जी भर कर अश्रु बहाये हैं।
Manisha Manjari
आजादी
आजादी
नूरफातिमा खातून नूरी
Ye sham adhuri lagti hai
Ye sham adhuri lagti hai
Sakshi Tripathi
हंसी मुस्कान
हंसी मुस्कान
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
सजि गेल अयोध्या धाम
सजि गेल अयोध्या धाम
मनोज कर्ण
बिन गुनाहों के ही सज़ायाफ्ता है
बिन गुनाहों के ही सज़ायाफ्ता है "रत्न"
गुप्तरत्न
मायूस ज़िंदगी
मायूस ज़िंदगी
Ram Babu Mandal
ब्रांड 'चमार' मचा रहा, चारों तरफ़ धमाल
ब्रांड 'चमार' मचा रहा, चारों तरफ़ धमाल
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
🌲दिखाता हूँ मैं🌲
🌲दिखाता हूँ मैं🌲
सुरेश अजगल्ले"इंद्र"
■ एक ही खटका।।
■ एक ही खटका।।
*Author प्रणय प्रभात*
विश्व पुस्तक दिवस पर विशेष
विश्व पुस्तक दिवस पर विशेष
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
समग्र क्रांति
समग्र क्रांति
Shekhar Chandra Mitra
*निर्धनता ( कुंडलिया )*
*निर्धनता ( कुंडलिया )*
Ravi Prakash
किताबे पढ़िए!!
किताबे पढ़िए!!
पूर्वार्थ
Loading...