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17 Mar 2023 · 1 min read

बैठा ड्योढ़ी साँझ की, सोच रहा आदित्य।

बैठा ड्योढ़ी साँझ की, सोच रहा आदित्य।
निकट अगर अवसान हो, कौन करे आतिथ्य।।
© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद

Language: Hindi
1 Like · 357 Views
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