Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Dec 2023 · 1 min read

बेशक हुआ इस हुस्न पर दीदार आपका।

बेशक हुआ इस हुस्न पर दीदार आपका।
चाहत की हमारी वो तलबार हो गए।।
जीना था जिन्हें बिन नाम मौहब्बत के ।
आज बो भी इश्क़ के बीमार हो गए ।।

Phool gufran

1 Like · 173 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
जिससे एक मर्तबा प्रेम हो जाए
जिससे एक मर्तबा प्रेम हो जाए
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
दोस्ती में लोग एक दूसरे की जी जान से मदद करते हैं
दोस्ती में लोग एक दूसरे की जी जान से मदद करते हैं
ruby kumari
संवेदना (वृद्धावस्था)
संवेदना (वृद्धावस्था)
नवीन जोशी 'नवल'
सज़ल
सज़ल
Mahendra Narayan
जिस्म से रूह को लेने,
जिस्म से रूह को लेने,
Pramila sultan
देखिए बिना करवाचौथ के
देखिए बिना करवाचौथ के
शेखर सिंह
गिरता है धीरे धीरे इंसान
गिरता है धीरे धीरे इंसान
Sanjay ' शून्य'
■एक शेर और■
■एक शेर और■
*Author प्रणय प्रभात*
वो भी तन्हा रहता है
वो भी तन्हा रहता है
'अशांत' शेखर
पर्यावरण
पर्यावरण
Manu Vashistha
3015.*पूर्णिका*
3015.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मैं अगर आग में चूल्हे की यूँ जल सकती हूँ
मैं अगर आग में चूल्हे की यूँ जल सकती हूँ
Shweta Soni
अच्छी थी पगडंडी अपनी।सड़कों पर तो जाम बहुत है।।
अच्छी थी पगडंडी अपनी।सड़कों पर तो जाम बहुत है।।
पूर्वार्थ
प्रेम
प्रेम
Rashmi Sanjay
सूरज नहीं थकता है
सूरज नहीं थकता है
Ghanshyam Poddar
मनुस्मृति का, राज रहा,
मनुस्मृति का, राज रहा,
SPK Sachin Lodhi
मुक्तक
मुक्तक
गुमनाम 'बाबा'
कविता ही तो परंम सत्य से, रूबरू हमें कराती है
कविता ही तो परंम सत्य से, रूबरू हमें कराती है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हो जाएँ नसीब बाहें
हो जाएँ नसीब बाहें
सिद्धार्थ गोरखपुरी
इस क़दर
इस क़दर
Dr fauzia Naseem shad
मैं तो महज पहचान हूँ
मैं तो महज पहचान हूँ
VINOD CHAUHAN
जिंदगी का एक और अच्छा दिन,
जिंदगी का एक और अच्छा दिन,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
*मंज़िल पथिक और माध्यम*
*मंज़िल पथिक और माध्यम*
Lokesh Singh
सिर्फ तेरे चरणों में सर झुकाते हैं मुरलीधर,
सिर्फ तेरे चरणों में सर झुकाते हैं मुरलीधर,
कार्तिक नितिन शर्मा
जब तक बांकी मेरे हृदय की एक भी सांस है।
जब तक बांकी मेरे हृदय की एक भी सांस है।
Rj Anand Prajapati
हरि हृदय को हरा करें,
हरि हृदय को हरा करें,
sushil sarna
प्यार भरी चांदनी रात
प्यार भरी चांदनी रात
नूरफातिमा खातून नूरी
"प्रार्थना"
Dr. Kishan tandon kranti
मर्यादाएँ टूटतीं, भाषा भी अश्लील।
मर्यादाएँ टूटतीं, भाषा भी अश्लील।
Arvind trivedi
*तुम राजा हम प्रजा तुम्हारी, अग्रसेन भगवान (गीत)*
*तुम राजा हम प्रजा तुम्हारी, अग्रसेन भगवान (गीत)*
Ravi Prakash
Loading...