Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Mar 2023 · 1 min read

बेमौसम की देखकर, उपल भरी बरसात।

बेमौसम की देखकर, उपल भरी बरसात।
गेहूँ सरसों खेत में, रोए सारी रात।।

© सीमा अग्रवाल

Language: Hindi
1 Like · 187 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from डॉ.सीमा अग्रवाल
View all
You may also like:
सबको
सबको
Rajesh vyas
दर-बदर की ठोकरें जिन्को दिखातीं राह हैं
दर-बदर की ठोकरें जिन्को दिखातीं राह हैं
Manoj Mahato
जय श्रीराम हो-जय श्रीराम हो।
जय श्रीराम हो-जय श्रीराम हो।
manjula chauhan
#हिंदी / #उर्दू
#हिंदी / #उर्दू
*प्रणय प्रभात*
परतंत्रता की नारी
परतंत्रता की नारी
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
जरूरी नहीं की हर जख़्म खंजर ही दे
जरूरी नहीं की हर जख़्म खंजर ही दे
Gouri tiwari
दिल से करो पुकार
दिल से करो पुकार
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
"आपके पास यदि धार्मिक अंधविश्वास के विरुद्ध रचनाएँ या विचार
Dr MusafiR BaithA
"बेज़ारे-तग़ाफ़ुल"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
मेरे प्रेम पत्र 3
मेरे प्रेम पत्र 3
विजय कुमार नामदेव
रात
रात
sushil sarna
भारत का सिपाही
भारत का सिपाही
Rajesh
मन में क्यों भरा रहे घमंड
मन में क्यों भरा रहे घमंड
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
कभी कभी ज़िंदगी में लिया गया छोटा निर्णय भी बाद के दिनों में
कभी कभी ज़िंदगी में लिया गया छोटा निर्णय भी बाद के दिनों में
Paras Nath Jha
कल रहूॅं-ना रहूॅं...
कल रहूॅं-ना रहूॅं...
पंकज कुमार कर्ण
मां ने भेज है मामा के लिए प्यार भरा तोहफ़ा 🥰🥰🥰 �
मां ने भेज है मामा के लिए प्यार भरा तोहफ़ा 🥰🥰🥰 �
Swara Kumari arya
हर वो दिन खुशी का दिन है
हर वो दिन खुशी का दिन है
shabina. Naaz
युवा अंगार
युवा अंगार
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
I guess afterall, we don't search for people who are exactly
I guess afterall, we don't search for people who are exactly
पूर्वार्थ
मैं तो महज एहसास हूँ
मैं तो महज एहसास हूँ
VINOD CHAUHAN
"धोखा"
Dr. Kishan tandon kranti
शीर्षक:इक नज़र का सवाल है।
शीर्षक:इक नज़र का सवाल है।
Lekh Raj Chauhan
ना ढूंढ मोहब्बत बाजारो मे,
ना ढूंढ मोहब्बत बाजारो मे,
शेखर सिंह
तेरे दुःख की गहराई,
तेरे दुःख की गहराई,
Buddha Prakash
हम ख़्वाब की तरह
हम ख़्वाब की तरह
Dr fauzia Naseem shad
"देखकर उन्हें हम देखते ही रह गए"
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
*जग में होता मान उसी का, पैसा जिसके पास है (हिंदी गजल)*
*जग में होता मान उसी का, पैसा जिसके पास है (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
हर जौहरी को हीरे की तलाश होती है,, अज़ीम ओ शान शख्सियत.. गुल
हर जौहरी को हीरे की तलाश होती है,, अज़ीम ओ शान शख्सियत.. गुल
Shweta Soni
2677.*पूर्णिका*
2677.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
प्रतीक्षा
प्रतीक्षा
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
Loading...