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13 Aug 2023 · 1 min read

बेपनाह थी मोहब्बत, गर मुकाम मिल जाते

बेपनाह थी मोहब्बत, गर मुकाम मिल जाते
हम भी होते आशिक, आवारा ना कहलाते !!

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