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18 Feb 2024 · 1 min read

बेटी

एक बेटी को कितने नाजो से पाला जाता है
उसकी हर फरमाइश को सर्वोपरि रखा जाता है

बेटी को सर आंखों पर बिठाया जाता है
स्कूल को पहली यूनिफार्म से लेकर

पहले फैंसी ड्रेस की ड्रेस से तक को संभाला जाता है
कॉलेज की यूनिफॉर्म से लेकर शादी के लहंगे तक का सफर
तय किया जाता है

नन्ही बिटिया के नन्हे कदमो की छाप से लेकर शादी के समय मुख्य द्वार पर कुमकुम से हाथों की छाप लगवाकर
अपने अरमानो को पूरा किया जाता है

जन्म से बिटिया की हर एक ख्वाहिश को पूरा किया जाता है
शादी में हर एक चीज़ का इंतजाम बिटिया के हिसाब से किया जाता है

बहुत ही हिम्मत रखकर अपने आँसुओ को छुपाया जाता है
ओर चहरे पर मुस्कुराहट लगाकर बिटिया को हल्दी लगाया जाता है

कन्या दान की रसम को पूरा करके बेटी को विदा किया जाता है
फिर बिटिया की विदाई कर पग फेरे की रसम के लिए बिटिया का इंतज़ार किया जाता है।

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