Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
May 8, 2022 · 1 min read

* बेकस मौजू *

डा . अरुण कुमार शास्त्री
एक अबोध बालक – अरुण अतृप्त

* बेकस मौजू *
खामोशियों को गर जुबान मिल जाती है
एक जन्नत जमींन पर उभर आती है

उसको देख कर वेबस वो खूब हँसा
जैसे शिकारी के पन्जे में जान फडफडाती है

मुझसे कब् देखा गया तेरा अशान्त मन
सादगी मेरी मुझको यही बताती है

फूल था चमन का किसी के गुल्जार
मेमना बना दिया बेकस बेक्दरी से

कदर कसाई क्या जाने एक जान की एय खुदा
उसको तो बस हर पल छुरी चलानी आती है

किस तरहा बन ठन् के निकलते है हुस्न वाले
इनको कब् किसी गरीब पर दया आती है

बहुत गिड़गिड़ाया था ये अबोध उसकी चौखठ पर
एक बार भूली तो भूली फिर कहाँ हसीनों को हया आती है

73 Views
You may also like:
विश्व हास्य दिवस
Dr Archana Gupta
जंगल में एक बंदर आया
VINOD KUMAR CHAUHAN
परिंदों सा।
Taj Mohammad
दिल और गुलाब
Vikas Sharma'Shivaaya'
प्रेमिका.. मेरी प्रेयसी....
Sapna K S
कोई तो दिन होगा।
Taj Mohammad
तन्हा ही खूबसूरत हूं मैं।
शक्ति राव मणि
प्रतीक्षा करना पड़ता।
Vijaykumar Gundal
जब वो कृष्णा मेरे मन की आवाज़ बन जाता है।
Manisha Manjari
🌺🌺दोषदृष्टया: साधके प्रभावः🌺🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Ye Sochte Huye Chalna Pad Raha Hai Dagar Main
Muhammad Asif Ali
झुलसता पर्यावरण / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
कवनो गाड़ी तरे ई चले जिंदगी
आकाश महेशपुरी
इश्क़ में जूतियों का भी रहता है डर
आकाश महेशपुरी
बदरिया
Dhirendra Panchal
ऐसे तो ना मोहब्बत की जाती है।
Taj Mohammad
लॉकडाउन गीतिका
Ravi Prakash
हर एक रिश्ता निभाता पिता है –गीतिका
रकमिश सुल्तानपुरी
💐मौज़💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
बाबा की धूल
Dr. Arti 'Lokesh' Goel
I Have No Desire To Be Found At Any Cost
Manisha Manjari
मेरे पापा जैसे कोई नहीं.......... है न खुदा
Nitu Sah
ना वो हवा ना वो पानी है अब
VINOD KUMAR CHAUHAN
पुस्तक समीक्षा -एक थी महुआ
Rashmi Sanjay
【9】 *!* सुबह हुई अब बिस्तर छोडो *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
जोशवान मनुष्य
AMRESH KUMAR VERMA
फर्क पिज्जा में औ'र निवाले में।
सत्य कुमार प्रेमी
पापा को मैं पास में पाऊँ
Dr. Pratibha Mahi
✍️"सूरज"और "पिता"✍️
"अशांत" शेखर
शृंगार छंद और विधाएं
Subhash Singhai
Loading...