Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 Feb 2023 · 1 min read

बुलेट ट्रेन की तरह है, सुपर फास्ट सब यार।

बुलेट ट्रेन की तरह है, सुपर फास्ट सब यार।
सात दिनों में कर रहे, सात जनम का प्यार।

…….✍️ सत्य कुमार प्रेमी

152 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
यहां नसीब में रोटी कभी तो दाल नहीं।
यहां नसीब में रोटी कभी तो दाल नहीं।
सत्य कुमार प्रेमी
ग़ज़ल/नज़्म - न जाने किस क़दर भरी थी जीने की आरज़ू उसमें
ग़ज़ल/नज़्म - न जाने किस क़दर भरी थी जीने की आरज़ू उसमें
अनिल कुमार
प्रेमी-प्रेमिकाओं का बिछड़ना, कोई नई बात तो नहीं
प्रेमी-प्रेमिकाओं का बिछड़ना, कोई नई बात तो नहीं
The_dk_poetry
*आओ बच्चों सीख सिखाऊँ*
*आओ बच्चों सीख सिखाऊँ*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
*श्रद्धा विश्वास रूपेण**
*श्रद्धा विश्वास रूपेण**"श्रद्धा विश्वास रुपिणौ'"*
Shashi kala vyas
चूहा भी इसलिए मरता है
चूहा भी इसलिए मरता है
शेखर सिंह
"अच्छे इंसान"
Dr. Kishan tandon kranti
तलाशता हूँ उस
तलाशता हूँ उस "प्रणय यात्रा" के निशाँ
Atul "Krishn"
निरन्तरता ही जीवन है चलते रहिए
निरन्तरता ही जीवन है चलते रहिए
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
*......कब तक..... **
*......कब तक..... **
Naushaba Suriya
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
काजल
काजल
Neeraj Agarwal
शक्ति शील सौंदर्य से, मन हरते श्री राम।
शक्ति शील सौंदर्य से, मन हरते श्री राम।
आर.एस. 'प्रीतम'
हिन्दी दिवस
हिन्दी दिवस
Mahender Singh
आंखें मूंदे हैं
आंखें मूंदे हैं
इंजी. संजय श्रीवास्तव
तेरा मेरा साथ
तेरा मेरा साथ
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
इल्जाम
इल्जाम
Vandna thakur
6) जाने क्यों
6) जाने क्यों
पूनम झा 'प्रथमा'
23/196. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/196. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
चल मनवा चलें.....!!
चल मनवा चलें.....!!
Kanchan Khanna
एक बेटी हूं मैं
एक बेटी हूं मैं
अनिल "आदर्श"
अखंड भारतवर्ष
अखंड भारतवर्ष
Bodhisatva kastooriya
महिलाएं जितना तेजी से रो सकती है उतना ही तेजी से अपने भावनाओ
महिलाएं जितना तेजी से रो सकती है उतना ही तेजी से अपने भावनाओ
Rj Anand Prajapati
हर हालात में अपने जुबाँ पर, रहता वन्देमातरम् .... !
हर हालात में अपने जुबाँ पर, रहता वन्देमातरम् .... !
पाण्डेय चिदानन्द "चिद्रूप"
*विश्वामित्र नमन तुम्हें : कुछ दोहे*
*विश्वामित्र नमन तुम्हें : कुछ दोहे*
Ravi Prakash
" मेरी ओकात क्या"
भरत कुमार सोलंकी
#अभी_अभी
#अभी_अभी
*प्रणय प्रभात*
आज का युवा कैसा हो?
आज का युवा कैसा हो?
Rachana
जै जै अम्बे
जै जै अम्बे
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
#जयहिंद
#जयहिंद
Rashmi Ranjan
Loading...