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20 May 2024 · 1 min read

बुंदेली साहित्य- राना लिधौरी के दोहे

बुंदेली साहित्य- राना लिधौरी के दोहे

बुंदेली दोहे – किरा (कीड़ा लगा हुआ)

1.

अफसर शाही भी किरा,
दिखती है अब आज।
रिश्वत का ‘राना’ चलन,
कोइ न करता लाज।।
###

2.

अब विचार लगते किरा,
दिखें छली अब कर्म।
‘राना’ बैठा सोचता,
कहाँ छुपा अब धर्म।।
&&&

3.

धना कहै ‘राना’ सुनौ,
कीखौं देदें वोट।
किरा भटा सबरै लगत,
जिनके मन में खोट।।
🤔 🤔 🤔

✍️ © राजीव नामदेव”राना लिधौरी”
संपादक “आकांक्षा” पत्रिका
संपादक- ‘अनुश्रुति’ त्रैमासिक बुंदेली ई पत्रिका
जिलाध्यक्ष म.प्र. लेखक संघ टीकमगढ़
अध्यक्ष वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
नई चर्च के पीछे, शिवनगर कालोनी,
टीकमगढ़ (मप्र)-472001
मोबाइल- 9893520965
Email – ranalidhori@gmail.com

2 Likes · 1 Comment · 43 Views
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