Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Aug 2023 · 1 min read

बादल

काले काले प्यारे बादल।
नीर भरे कजरारे बादल।

श्वेत रुई की फाहे जैसी,
धुँधला धूम-धुआँरे बादल।

इंद्रनील की माला डाले ,
मृदुल मनोरम सारे बादल।

नील फर्श पर धना-धना-सा,
बैठा पलथी मारे बादल।

कभी भूत सा मुखरित होता,
लगता तब बिकरारे बादल।

फटी दरारें बंजर धरती,
हर पल तुझे पुकारे बादल।

पथराई सूनी-सी आँखें,
तेरी राह निहारे बादल।

छोटे-छोटे मोती जैसे,
झटपट जल बरसा रे बादल।
लक्ष्मी सिंह
नई दिल्ली

5 Likes · 5 Comments · 459 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from लक्ष्मी सिंह
View all
You may also like:
दुम कुत्ते की कब हुई,
दुम कुत्ते की कब हुई,
sushil sarna
हमारा देश
हमारा देश
SHAMA PARVEEN
यूंही नहीं बनता जीवन में कोई
यूंही नहीं बनता जीवन में कोई
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला,
जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला,
ruby kumari
जीवन
जीवन
Monika Verma
हथेली पर जो
हथेली पर जो
लक्ष्मी सिंह
हिंदू सनातन धर्म
हिंदू सनातन धर्म
विजय कुमार अग्रवाल
गौ माता...!!
गौ माता...!!
Ravi Betulwala
दर्शक की दृष्टि जिस पर गड़ जाती है या हम यूं कहे कि भारी ताद
दर्शक की दृष्टि जिस पर गड़ जाती है या हम यूं कहे कि भारी ताद
Rj Anand Prajapati
"उम्मीदों की जुबानी"
Dr. Kishan tandon kranti
‌एक सच्ची बात जो हर कोई जनता है लेकिन........
‌एक सच्ची बात जो हर कोई जनता है लेकिन........
Rituraj shivem verma
दोनो कुनबे भानुमती के
दोनो कुनबे भानुमती के
*प्रणय प्रभात*
कवनो गाड़ी तरे ई चले जिंदगी
कवनो गाड़ी तरे ई चले जिंदगी
आकाश महेशपुरी
चमकते तारों में हमने आपको,
चमकते तारों में हमने आपको,
Ashu Sharma
आयेगी मौत जब
आयेगी मौत जब
Dr fauzia Naseem shad
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
रमेशराज के बालगीत
रमेशराज के बालगीत
कवि रमेशराज
पर्यावरण
पर्यावरण
Neeraj Mishra " नीर "
ताशीर
ताशीर
Sanjay ' शून्य'
राम- नाम माहात्म्य
राम- नाम माहात्म्य
Dr. Upasana Pandey
नाक पर दोहे
नाक पर दोहे
Subhash Singhai
तलाशता हूँ उस
तलाशता हूँ उस "प्रणय यात्रा" के निशाँ
Atul "Krishn"
कोई किसी से सुंदरता में नहीं कभी कम होता है
कोई किसी से सुंदरता में नहीं कभी कम होता है
Shweta Soni
2990.*पूर्णिका*
2990.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
I've washed my hands of you
I've washed my hands of you
पूर्वार्थ
यदि आप नंगे है ,
यदि आप नंगे है ,
शेखर सिंह
खुद को परोस कर..मैं खुद को खा गया
खुद को परोस कर..मैं खुद को खा गया
सिद्धार्थ गोरखपुरी
चुप रहना भी तो एक हल है।
चुप रहना भी तो एक हल है।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
बात तो कद्र करने की है
बात तो कद्र करने की है
Surinder blackpen
मजदूर हैं हम मजबूर नहीं
मजदूर हैं हम मजबूर नहीं
नेताम आर सी
Loading...