Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Sep 2016 · 1 min read

बहन के देहान्त पर अपने बेटे की तरफ़ से

मुझे याद आती है अक्सर तुम्हारी
मुझे याद आती है अक्सर तुम्हारी

थी छोटी मगर घर सबसे बडी थीं
कि मेरे लिये तुम सभी से सडी थीं
तुम्हारे लिये चाँद था ईद का मैं
मेरे वास्ते तुम ही दर पर खडी थीं
पुकारुंगा किसको मैं आवाज़ दूँगा
न पकडूंगा उंगली मैं आकर तुम्हारी
मुझे याद आती है अक्सर तुम्हारी

न माँ आप थी मैं भी बेटा नहीं था
कलेजे का मैं कोई टुकडा नहीं था
मगर मां से बढकर के चाहा था तुमने
मुझे छोड दोगी ये सोचा नहीं था
मुझे छोड कर तुम कहां जा बसी हो
जगह तो नहीं थी वो ऊपर तुम्हारी
मुझे याद आती है अक्सर तुम्हारी

मेरे नाज़ सारे उठायेंगे लेकिन
मुझे लाल कहकर बुलायेंगे लेकिन
कि मैं काम सबके बनाकर चलूंगा
सभी हक़ भी मुझपर जतायेंगे लेकिन
तुम्हारी तरह कोई हरगिज़ न होगा
न आयेगा कोई बराबर तुम्हारी

मैं छोटा कल अब बडा हो गया हूँ
मैं पैरों पे अपने खडा हो गया हूँ
मगर तुम नहीं हो तो कुछ भी नहीं है
तुम्हारे बिना मैं पडा हो गया हूँ
मुझे प्यार कोई भी करता नहीं है
जरुरत है मुझको बेज़र तुम्हारी

Language: Hindi
Tag: गीत
265 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
देश के वासी हैं
देश के वासी हैं
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
सत्याधार का अवसान
सत्याधार का अवसान
Shyam Sundar Subramanian
संघर्ष ज़िंदगी को आसान बनाते है
संघर्ष ज़िंदगी को आसान बनाते है
Bhupendra Rawat
वज़्न - 2122 1212 22/112 अर्कान - फ़ाइलातुन मुफ़ाइलुन फ़ैलुन/फ़इलुन बह्र - बहर-ए-ख़फ़ीफ़ मख़बून महज़ूफ मक़तूअ काफ़िया: आ स्वर की बंदिश रदीफ़ - न हुआ
वज़्न - 2122 1212 22/112 अर्कान - फ़ाइलातुन मुफ़ाइलुन फ़ैलुन/फ़इलुन बह्र - बहर-ए-ख़फ़ीफ़ मख़बून महज़ूफ मक़तूअ काफ़िया: आ स्वर की बंदिश रदीफ़ - न हुआ
Neelam Sharma
नववर्ष पर मुझको उम्मीद थी
नववर्ष पर मुझको उम्मीद थी
gurudeenverma198
नदी
नदी
Kumar Kalhans
#प्रभात_चिन्तन
#प्रभात_चिन्तन
*प्रणय प्रभात*
माथे की बिंदिया
माथे की बिंदिया
Pankaj Bindas
मे गांव का लड़का हु इसलिए
मे गांव का लड़का हु इसलिए
Ranjeet kumar patre
गृहणी का बुद्ध
गृहणी का बुद्ध
पूनम कुमारी (आगाज ए दिल)
कद्र और कीमत देना मां बाप के संघर्ष हो,
कद्र और कीमत देना मां बाप के संघर्ष हो,
पूर्वार्थ
जमात
जमात
AJAY AMITABH SUMAN
मन का डर
मन का डर
Aman Sinha
फितरत................एक आदत
फितरत................एक आदत
Neeraj Agarwal
प्रतीक्षा, प्रतियोगिता, प्रतिस्पर्धा
प्रतीक्षा, प्रतियोगिता, प्रतिस्पर्धा
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
3470🌷 *पूर्णिका* 🌷
3470🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
इतनी नाराज़ हूं तुमसे मैं अब
इतनी नाराज़ हूं तुमसे मैं अब
Dheerja Sharma
ज़िंदादिली
ज़िंदादिली
Dr.S.P. Gautam
सुख दुख के साथी
सुख दुख के साथी
Annu Gurjar
गम के पीछे ही खुशी है ये खुशी कहने लगी।
गम के पीछे ही खुशी है ये खुशी कहने लगी।
सत्य कुमार प्रेमी
मैं तो महज चुनौती हूँ
मैं तो महज चुनौती हूँ
VINOD CHAUHAN
"दुःख-सुख"
Dr. Kishan tandon kranti
अबके रंग लगाना है
अबके रंग लगाना है
Dr. Reetesh Kumar Khare डॉ रीतेश कुमार खरे
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
Winner
Winner
Paras Nath Jha
पीठ के नीचे. . . .
पीठ के नीचे. . . .
sushil sarna
संविधान शिल्पी बाबा साहब शोध लेख
संविधान शिल्पी बाबा साहब शोध लेख
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
The life of an ambivert is the toughest. You know why? I'll
The life of an ambivert is the toughest. You know why? I'll
Chahat
* विजयदशमी *
* विजयदशमी *
surenderpal vaidya
संकल्प का अभाव
संकल्प का अभाव
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
Loading...