Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Dec 2023 · 1 min read

*बस एक बार*

बस एक बार
चाहत है सांवरे तुझे देखने की,
कहना है कुछ बातें तेरे सामने ,
जो कह न सकी उसे बोल कर ,
जी भर का देखना चाहती हूं।
बस एक बार…..
नजर में रहते हो फिर भी,
इधर उधर नित ढूंढ रहे हैं,
कभी मूर्ति में कभी मंदिर में,
कभी घर के कोने में बैठे हुए,
लागी लगन तुझसे ही अब ,
देखे बिना मन ना लगता है,
आ जाओ सावरिया ,
बस एक बार……
जिधर देखो तुम ही तुम नजर आते हो,
हमें देख ओझल हो जाते हो,
मन मंदिर में बसे हुए हो,
भक्ति रस में डूबे हुए हैं,
चरणो में शीश झुका खड़े हो,
पुकार रहे हृदय मन से,
अब सामने आ भी जाओ ,
सांवरे कृष्ण कन्हैया ,
नजरों में समा लूं,
बस एक बार…..!!!
शशिकला व्यास शिल्पी ✍️

212 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
इश्क पहली दफा
इश्क पहली दफा
साहित्य गौरव
*मोटू (बाल कविता)*
*मोटू (बाल कविता)*
Ravi Prakash
दीवार
दीवार
अखिलेश 'अखिल'
दिखा तू अपना जलवा
दिखा तू अपना जलवा
gurudeenverma198
हे मेरे प्रिय मित्र
हे मेरे प्रिय मित्र
कृष्णकांत गुर्जर
"कैसे व्याख्या करूँ?"
Dr. Kishan tandon kranti
* भावना में *
* भावना में *
surenderpal vaidya
भारत की होगी दुनिया में, फिर से जय जय कार
भारत की होगी दुनिया में, फिर से जय जय कार
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
दोहा त्रयी. . .
दोहा त्रयी. . .
sushil sarna
रंग अनेक है पर गुलाबी रंग मुझे बहुत भाता
रंग अनेक है पर गुलाबी रंग मुझे बहुत भाता
Seema gupta,Alwar
World Books Day
World Books Day
Tushar Jagawat
पुराना साल जाथे नया साल आथे ll
पुराना साल जाथे नया साल आथे ll
Ranjeet kumar patre
स्त्री मन
स्त्री मन
Vibha Jain
2985.*पूर्णिका*
2985.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
उस चाँद की तलाश में
उस चाँद की तलाश में
Diwakar Mahto
अब तुझे रोने न दूँगा।
अब तुझे रोने न दूँगा।
Anil Mishra Prahari
इश्क़ लिखने पढ़ने में उलझ गया,
इश्क़ लिखने पढ़ने में उलझ गया,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
दलित लेखक बिपिन बिहारी से परिचय कीजिए / MUSAFIR BAITHA
दलित लेखक बिपिन बिहारी से परिचय कीजिए / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
Insaan badal jata hai
Insaan badal jata hai
Aisha Mohan
क्या क्या बदले
क्या क्या बदले
Rekha Drolia
ज़िंदगी इस क़दर
ज़िंदगी इस क़दर
Dr fauzia Naseem shad
कुछ लोग होते है जो रिश्तों को महज़ इक औपचारिकता भर मानते है
कुछ लोग होते है जो रिश्तों को महज़ इक औपचारिकता भर मानते है
पूर्वार्थ
♥️♥️ Dr. Arun Kumar shastri
♥️♥️ Dr. Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
विडम्बना की बात है कि
विडम्बना की बात है कि
*Author प्रणय प्रभात*
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
एक ख़त रूठी मोहब्बत के नाम
एक ख़त रूठी मोहब्बत के नाम
अजहर अली (An Explorer of Life)
दिन गुज़रते रहे रात होती रही।
दिन गुज़रते रहे रात होती रही।
डॉक्टर रागिनी
प्राणदायिनी वृक्ष
प्राणदायिनी वृक्ष
AMRESH KUMAR VERMA
14, मायका
14, मायका
Dr Shweta sood
दिकपाल छंदा धारित गीत
दिकपाल छंदा धारित गीत
Sushila joshi
Loading...