Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Feb 2024 · 1 min read

बस्ते…!

बस यूँ ही 🤗

ये बोझिल बस्ते!
अर्ध मुद्रा में पड़े से,
बोझिल,अलसाए,
दृढ़ निश्चय पर अड़े से।
देखे मैंने बोझिल बस्ते!

मानों चिर योग मुद्रा में,
हों अपने इष्ट देव को ध्याते।
पूछते हों जैसे प्रश्र खुद से!
बोझ इतना हम क्यों उठाते।
देखे मैंने बोझिल बस्ते!

देखो न! ऐसा नहीं कि
सभी तनाव ग्रस्त हैं।
कुछ मस्तकलंदर हैं,
कुछ आश्वस्त हैं।
देखे मैंने खुशदिल बस्ते!

दरअसल खुद से आशाओं
की पहुँच में हैं।
आज की परीक्षा कैसी होगी?
इसी जटिल सोच में हैं।
देखे मैंने स्नेहिल बस्ते!

इंद्रधनुष के सभी रंगों
के रंग हैं खुद में समेटे!
कुछ सावधान मुद्रा में खड़े,
कुछ शवासन मुद्रा में लेटे।
देखे मैंने बोझिल बस्ते!

ज़रा ध्यान से देखो इनको
हर बस्ता कुछ कहता है।
कोई व्यथित हैं कम अंकों से
कोई अल्हड़ हँसता रहता है।
देखे मैंने हरदिल बस्ते!

नीलम शर्मा ✍️

Language: Hindi
74 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सफर
सफर
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
क्या अब भी किसी पे, इतना बिखरती हों क्या ?
क्या अब भी किसी पे, इतना बिखरती हों क्या ?
The_dk_poetry
भाग्य प्रबल हो जायेगा
भाग्य प्रबल हो जायेगा
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मुहब्बत
मुहब्बत
Pratibha Pandey
2609.पूर्णिका
2609.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
अबस ही डर रहा था अब तलक मैं
अबस ही डर रहा था अब तलक मैं
Neeraj Naveed
ना तो हमारी तरह तुम्हें कोई प्रेमी मिलेगा,
ना तो हमारी तरह तुम्हें कोई प्रेमी मिलेगा,
Dr. Man Mohan Krishna
आधा - आधा
आधा - आधा
Shaily
*शिवरात्रि*
*शिवरात्रि*
Dr. Priya Gupta
राम राज्य
राम राज्य
Shriyansh Gupta
चुका न पाएगा कभी,
चुका न पाएगा कभी,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
कब तक बरसेंगी लाठियां
कब तक बरसेंगी लाठियां
Shekhar Chandra Mitra
सही पंथ पर चले जो
सही पंथ पर चले जो
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
ये दुनिया घूम कर देखी
ये दुनिया घूम कर देखी
Phool gufran
जो तुम्हारी ख़ामोशी से तुम्हारी तकलीफ का अंदाजा न कर सके उसक
जो तुम्हारी ख़ामोशी से तुम्हारी तकलीफ का अंदाजा न कर सके उसक
ख़ान इशरत परवेज़
पुतलों का देश
पुतलों का देश
DR. Kaushal Kishor Shrivastava
आज ही का वो दिन था....
आज ही का वो दिन था....
Srishty Bansal
वो इश्क किस काम का
वो इश्क किस काम का
Ram Krishan Rastogi
57...Mut  qaarib musamman mahzuuf
57...Mut qaarib musamman mahzuuf
sushil yadav
रंगो ने दिलाई पहचान
रंगो ने दिलाई पहचान
Nasib Sabharwal
*मिलना जग में भाग्य से, मिलते अच्छे लोग (कुंडलिया)*
*मिलना जग में भाग्य से, मिलते अच्छे लोग (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
दोहा त्रयी. . . . .
दोहा त्रयी. . . . .
sushil sarna
जीवन पर
जीवन पर
Dr fauzia Naseem shad
नया भारत
नया भारत
गुमनाम 'बाबा'
नहीं आती कुछ भी समझ में तेरी कहानी जिंदगी
नहीं आती कुछ भी समझ में तेरी कहानी जिंदगी
gurudeenverma198
आरक्षण बनाम आरक्षण / MUSAFIR BAITHA
आरक्षण बनाम आरक्षण / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
"बाकी"
Dr. Kishan tandon kranti
!! सुविचार !!
!! सुविचार !!
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
कविता
कविता
Shyam Pandey
कभी कभी आईना भी,
कभी कभी आईना भी,
शेखर सिंह
Loading...