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2 Aug 2023 · 1 min read

बरस रहे है हम ख्वाबो की बरसात मे

बरस रहे है हम ख्वाबो की बरसात मे
थोड़ी उजियारी अंधेरी रात मे
पंख फैलाये गीतों की सौगात मे
खुशी लिए फूलो की, काटो भरी प्रभात मे
थोड़ा सवेरे थोड़ा शाम, थोड़ा बंदिशो की बारात मे
बरस रहे है ह ख्याबो की बरसात मे
#देव

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