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1 Mar 2024 · 1 min read

बड़ा ही अजीब है

बड़ा ही अजीब है
रिश्ता हमारा – तुम्हारा

कमल के पत्ते पर चमकती
पानी की इक बूँद की तरह

साथ हो कर भी
एक नहीं हुए कभी

हुए जरा अलग तो क्या
जैसे कभी साथ ही ना थे

………. अतुल “कृष्ण”

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