Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-30💐

बहुत आसाँ है कि कह देना,एतिबार नहीं।
उन तक पहुँचना उफ़! रात दिन तय किया।
-अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
60 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.
You may also like:
जिंदा है धर्म स्त्री से ही
जिंदा है धर्म स्त्री से ही
श्याम सिंह बिष्ट
होंसला
होंसला
Shutisha Rajput
कर्ज का बिल
कर्ज का बिल
Buddha Prakash
कोई नहीं देता...
कोई नहीं देता...
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
सीमवा पे डटल हवे, हमरे भैय्या फ़ौजी
सीमवा पे डटल हवे, हमरे भैय्या फ़ौजी
Er.Navaneet R Shandily
*बहुत ज्यादा न सुख की चाह, हे भगवन मुझे देना 【मुक्तक 】*
*बहुत ज्यादा न सुख की चाह, हे भगवन मुझे देना 【मुक्तक 】*
Ravi Prakash
खंड 7
खंड 7
Rambali Mishra
अतीत का गौरव गान
अतीत का गौरव गान
Shekhar Chandra Mitra
😊 #सुर्ख़ियों में आने का ज़ोरदार #तरीक़ा :--
😊 #सुर्ख़ियों में आने का ज़ोरदार #तरीक़ा :--
*Author प्रणय प्रभात*
मुक्तक।
मुक्तक।
Pankaj sharma Tarun
भारत और मीडिया
भारत और मीडिया
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
#drarunkumarshastri
#drarunkumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
इन फूलों से सीख ले मुस्कुराना
इन फूलों से सीख ले मुस्कुराना
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
'उड़ान'
'उड़ान'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
अपने किरदार को किसी से कम आकना ठीक नहीं है .....
अपने किरदार को किसी से कम आकना ठीक नहीं है .....
कवि दीपक बवेजा
💐अज्ञात के प्रति-14💐
💐अज्ञात के प्रति-14💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
2311.
2311.
Dr.Khedu Bharti
अपनी कमी छुपाए कै,रहे पराया देख
अपनी कमी छुपाए कै,रहे पराया देख
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
तुम तो मुठ्ठी भर हो, तुम्हारा क्या, हम 140 करोड़ भारतीयों का भाग्य उलझ जाएगा
तुम तो मुठ्ठी भर हो, तुम्हारा क्या, हम 140 करोड़ भारतीयों का भाग्य उलझ जाएगा
Anand Kumar
भगवान कहाँ है तू?
भगवान कहाँ है तू?
Bodhisatva kastooriya
पारख पूर्ण प्रणेता
पारख पूर्ण प्रणेता
प्रेमदास वसु सुरेखा
आहत न हो कोई
आहत न हो कोई
Dr fauzia Naseem shad
संत एकनाथ महाराज
संत एकनाथ महाराज
Pravesh Shinde
ਹਰ ਅਲਫਾਜ਼ ਦੀ ਕੀਮਤ
ਹਰ ਅਲਫਾਜ਼ ਦੀ ਕੀਮਤ
Surinder blackpen
नज़र
नज़र
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
ना मानी हार
ना मानी हार
Dr. Meenakshi Sharma
तूफ़ानों से लड़करके, दो पंक्षी जग में रहते हैं।
तूफ़ानों से लड़करके, दो पंक्षी जग में रहते हैं।
डॉ. अनिल 'अज्ञात'
कहार
कहार
Mahendra singh kiroula
बुद्ध पुर्णिमा
बुद्ध पुर्णिमा
Satish Srijan
जिंदगी के कुछ चैप्टर ऐसे होते हैं,
जिंदगी के कुछ चैप्टर ऐसे होते हैं,
Vishal babu (vishu)
Loading...