Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

बचपन

बचपन

वो बचपन याद आता है
तितलियो के पीछे भागना
पकड़कर डब्बे में बंद करना
और उन संग खेलना फिर
खुले आसमा में छोड़ देना
वो बचपन याद आता है …….!!

आसमां को छूती पतंग
अचानक उस का कटना
दोस्तों संग उस पर टूटना
पाने की जद्दोजहद में
आपस में लड़ना-झगड़ना,
एक एक टुकड़ा हाथ में लिए
सबका एक साथ हँसना
वो बचपन याद आता है …….!!

वानर टोली बनाकर खेलना
रेल के डिब्बे जोड़कर चलना
दबे पैर घर से निकलकर
दुपहरी में क्रिकेट खेलना
शाम को घर-आँगन में घूमना
फागुन की चांदनी रात में
जुगनुओं का पीछा करना
वो बचपन याद आता है …….!!

वो बारिश में नहाते ओले चुनना
कागज की कश्ती पानी में ठेलना
दोस्तों संग गुल्ली डंडे का खेल
फिर बागो से कच्चे आम तोडना
माली का डंडा लेकर पीछा करना
हाथ न आकर उसको चिढ़ाना
वो बचपन याद आता है …….!!

खुले आसमान में सुबह की सैर
जुते खेतो में कब्बड्डी खेलना
ज्येष्ठ की तपती गर्मी में
नदी में ऊंचाई से कूदना
उलटे पैरो से उसमे तैरना
वो बचपन याद आता है …….!!

बिना किसी कारण के रूठना
आंसुओं से रोने का नाटक
भैया की फटकार का डर
दीदी का प्यार से सहलाना
झट से खिलखिलाकर हसना
वो बचपन याद आता है …….!!

आसमां को छूने की ताकत
हवा से तेज़ रफ़्तार
तूफानों से टकराने की इच्छा
वक़्त से आगे दौड़ने की तमन्ना
वो लहरो पे चलने के सपने
पंछियों संग उड़ने के अरमान
वो बचपन याद आता है …….!!

किताबो से ठसाठस भर बस्ता
पीठ पे लादे पैदल स्कूल जाना
गर्मी में पसीने में नहाया बदन
फिर भी मस्ती में हसते-२ आना
बेख़ौफ़ जीने की आजादी
वो बचपन याद आता है …….!!

दिन भर की उछल कूद
रात में थक कर सोना
माँ का गुस्से से बिगड़ना
पापा की डांट से डरना
माँ का आँचल में छुपाना
वो बचपन याद आता है…….!!

दादा जी का मेला दिखाना
दादी जी की गोद में लोरी सुनना
नाना जी का मिठाई दिलाना
नानी जी का कहानी सुनना
वो बचपन याद आता है…….!!
वो बचपन याद आता है…….!!

2 Comments · 261 Views
You may also like:
*सदा तुम्हारा मुख नंदी शिव की ही ओर रहा है...
Ravi Prakash
डॉक्टर की दवाई
Buddha Prakash
अहंकार
AMRESH KUMAR VERMA
भारतीय युवा
AMRESH KUMAR VERMA
जाऊं कहां मैं।
Taj Mohammad
लाशें बिखरी पड़ी हैं।(यूक्रेन पर लिखी गई ग़ज़ल)
Taj Mohammad
तजर्रुद (विरक्ति)
Shyam Sundar Subramanian
श्रीराम
सुरेखा कादियान 'सृजना'
राम घोष गूंजें नभ में
शेख़ जाफ़र खान
पिता
Shailendra Aseem
शीतल पेय
श्री रमण
अटल विश्वास दो
Saraswati Bajpai
बदरिया
Dhirendra Panchal
देशभक्ति के पर्याय वीर सावरकर
Ravi Prakash
हम भी नज़ीर बन जाते।
Taj Mohammad
# बोरे बासी दिवस /मजदूर दिवस....
Chinta netam " मन "
पवनपुत्र, हे ! अंजनि नंदन ....
ईश्वर दयाल गोस्वामी
"राम-नाम का तेज"
Prabhudayal Raniwal
Touching The Hot Flames
Manisha Manjari
ख़ुशी
Alok Saxena
*सभी को चाँद है प्यारा ( मुक्तक)*
Ravi Prakash
बेजुबान
Dhirendra Panchal
गरीब लड़की का बाप है।
Taj Mohammad
पापा करते हो प्यार इतना ।
Buddha Prakash
जला दिए
सिद्धार्थ गोरखपुरी
मेरी गुड़िया (संस्मरण)
Kanchan Khanna
" फ़ोटो "
Dr Meenu Poonia
“IF WE WRITE, WRITE CORRECTLY “
DrLakshman Jha Parimal
हायकु
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
पूंजीवाद में ही...
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
Loading...