Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Jul 2023 · 1 min read

फितरत

फितरत की गहराई में छुपी,
वो खुदाई की रचना है।
प्रकृति की अनंत सुंदरता,
जो दिलों को भर जाती है।

पहाड़ों की ऊँचाई पर,
बादलों की छांव में।
फूलों की मिठास से भरी,
वो खुशबू की बहार है।

जंगलों की घनता में छिपी,
वो जीवन की उमंग है।
पशु-पक्षियों की आवाज़ से,
वो संगीत की धुन है।

नदियों की धारा में बहती,
वो जीवन की लहर है।
मिट्टी की गर्मी से भरी,
वो उमंग की आग है।

फितरत की रंगीन दुनिया,
जो आँखों को भर जाती है।
इसे समझने की कोशिश करो,
यह खुदा की वर्णना है।

3 Likes · 1 Comment · 270 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Sidhartha Mishra
View all
You may also like:
"रेलगाड़ी सी ज़िन्दगी"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
नौजवानों से अपील
नौजवानों से अपील
Shekhar Chandra Mitra
उलझनें रूकती नहीं,
उलझनें रूकती नहीं,
Sunil Maheshwari
#आज_का_मुक्तक
#आज_का_मुक्तक
*Author प्रणय प्रभात*
23/76.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/76.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
बहुत कुछ बदल गया है
बहुत कुछ बदल गया है
Davina Amar Thakral
ऐ मौत
ऐ मौत
Ashwani Kumar Jaiswal
#बह_रहा_पछुआ_प्रबल, #अब_मंद_पुरवाई!
#बह_रहा_पछुआ_प्रबल, #अब_मंद_पुरवाई!
संजीव शुक्ल 'सचिन'
जिंदगी
जिंदगी
विजय कुमार अग्रवाल
*तजकिरातुल वाकियात* (पुस्तक समीक्षा )
*तजकिरातुल वाकियात* (पुस्तक समीक्षा )
Ravi Prakash
रससिद्धान्त मूलतः अर्थसिद्धान्त पर आधारित
रससिद्धान्त मूलतः अर्थसिद्धान्त पर आधारित
कवि रमेशराज
*अयोध्या*
*अयोध्या*
Dr. Priya Gupta
अंधेरे के आने का खौफ,
अंधेरे के आने का खौफ,
Buddha Prakash
शीर्षक -  आप और हम जीवन के सच
शीर्षक - आप और हम जीवन के सच
Neeraj Agarwal
लीकछोड़ ग़ज़ल / मुसाफ़िर बैठा
लीकछोड़ ग़ज़ल / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
परीक्षाएँ आ गईं........अब समय न बिगाड़ें
परीक्षाएँ आ गईं........अब समय न बिगाड़ें
पंकज कुमार शर्मा 'प्रखर'
(7) सरित-निमंत्रण ( स्वेद बिंदु से गीला मस्तक--)
(7) सरित-निमंत्रण ( स्वेद बिंदु से गीला मस्तक--)
Kishore Nigam
कल की चिंता छोड़कर....
कल की चिंता छोड़कर....
जगदीश लववंशी
*जिंदगी मुझ पे तू एक अहसान कर*
*जिंदगी मुझ पे तू एक अहसान कर*
sudhir kumar
व्यक्तिगत अभिव्यक्ति
व्यक्तिगत अभिव्यक्ति
Shyam Sundar Subramanian
*** कभी-कभी.....!!! ***
*** कभी-कभी.....!!! ***
VEDANTA PATEL
"कितना कठिन प्रश्न है यह,
शेखर सिंह
युवा मन❤️‍🔥🤵
युवा मन❤️‍🔥🤵
डॉ० रोहित कौशिक
वन्दे मातरम वन्दे मातरम
वन्दे मातरम वन्दे मातरम
Swami Ganganiya
कहां से लाऊं शब्द वो
कहां से लाऊं शब्द वो
Seema gupta,Alwar
"कहाँ ठिकाना होगा?"
Dr. Kishan tandon kranti
युवा दिवस
युवा दिवस
Tushar Jagawat
सीख लिया है सभी ने अब
सीख लिया है सभी ने अब
gurudeenverma198
भोर समय में
भोर समय में
surenderpal vaidya
भीड से निकलने की
भीड से निकलने की
Harminder Kaur
Loading...